CGPSC पेपर लीक और भ्रष्टाचार मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, पांच ठिकानों पर छापेमारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की वर्ष 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित अनियमितता, प्रश्नपत्र लीक और भ्रष्टाचार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। ED के रायपुर जोनल कार्यालय ने 01 सितंबर को छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, धमतरी और जशपुर जिलों में स्थित पांच परिसरों पर PMLA, 2002 के तहत तलाशी अभियान चलाया।
ED के अनुसार जांच EOW-ACB रायपुर और CBI-ACB रायपुर द्वारा दर्ज दो FIR के आधार पर शुरू की गई थी। इन मामलों में तत्कालीन CGPSC अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी सहित अन्य लोगों के खिलाफ वर्ष 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित बड़े पैमाने पर अनियमितता, हेरफेर और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की जा रही है।
जांच में सामने आया कि CGPSC परीक्षाओं के प्रश्नपत्र कथित तौर पर आरोपियों के रिश्तेदारों और चुनिंदा अभ्यर्थियों तक निजी बिचौलियों के माध्यम से पहुंचाए गए। इसके बदले अवैध धन लिए जाने और इस प्रक्रिया के जरिए डिप्टी कलेक्टर एवं डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस जैसे वरिष्ठ पदों पर कथित रूप से फर्जी चयन कराने के आरोप सामने आए हैं।
ED के मुताबिक उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने CGPSC-2021 का लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का भरोसा देकर नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों से नकद राशि एकत्र की, जिससे 3 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) उत्पन्न हुई। इसमें से करीब 2.80 करोड़ रुपये अनिल चंद्राकर को दिए जाने की बात जांच में सामने आई है।
जांच एजेंसी के अनुसार उत्कर्ष चंद्राकर ने नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रभावित करने और उनसे धन वसूलने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े तत्कालीन निजी सहायक एवं अपने मामा के.के. चंद्रवंशी तथा तत्कालीन विशेष कार्याधिकारी के नाम, पद और प्रभाव का इस्तेमाल किया।
ED ने इससे पहले 03 जून 2026 को भी इस मामले में तलाशी ली थी। एजेंसी के अनुसार धारा 50, PMLA के तहत दर्ज बयानों, मोबाइल फोन से प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर उत्कर्ष चंद्राकर की कथित भूमिका सामने आई। इसके बाद उसे 01 सितंबर 2026 को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया।
ताजा तलाशी अभियान के दौरान जांच से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्ति संबंधी दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जब्त किए गए हैं। ED ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।
