बहादराबाद में आयुष चिकित्सा को नई सौगात, आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र एवं सर्जरी कक्ष का शुभारंभ

बहादराबाद में आयुष चिकित्सा को नई सौगात, आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र एवं सर्जरी कक्ष का शुभारंभ
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हरिद्वार/बहादराबाद। आयुष चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और विशिष्ट आयुर्वेदिक उपचार को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में बहादराबाद क्षेत्र को नई सौगात मिली है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बहादराबाद में आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र एवं सर्जरी कक्ष का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक रहे, जबकि अध्यक्षता रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों का अंगवस्त्र ओढ़ाकर और रुद्राक्ष की माला पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, स्वामी अनंतानंद जी महाराज, ब्लॉक प्रमुख बहादराबाद सहित अन्य अतिथियों ने शिलापट से पर्दा हटाकर आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया। इसके बाद फीता काटकर सर्जरी कक्ष का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर आयुर्वेद की विशिष्ट चिकित्सा पद्धतियों, विशेष रूप से क्षार कर्म एवं शल्य चिकित्सा की सुविधा क्षेत्रीय जनता को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।

आयुष मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आयुर्वेद हमारी प्राचीन चिकित्सा परंपरा होने के साथ स्वस्थ जीवन की वैज्ञानिक दृष्टि भी प्रस्तुत करता है। सरकार का प्रयास है कि आयुष चिकित्सा सेवाएं अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचें और ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उनके निकट उपलब्ध हों। उन्होंने बहादराबाद में आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र एवं सर्जरी कक्ष के शुभारंभ को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने कहा कि बहादराबाद क्षेत्र में विशिष्ट आयुर्वेदिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होना क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी सौगात है। स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने आयुर्वेद, योग, स्वस्थ जीवनशैली और रोगों की रोकथाम के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

स्वामी अनंतानंद जी महाराज ने गौशाला, आयुर्वेद और विषमुक्त कृषि के परस्पर संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में गौ आधारित जीवन पद्धति, प्राकृतिक कृषि और आयुर्वेद एक-दूसरे से जुड़े हैं। उन्होंने प्राकृतिक जीवनशैली, शुद्ध आहार और पर्यावरण संरक्षण को स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया।

जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. स्वास्तिक सुरेश ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र की स्थापना के उद्देश्य, उपलब्ध सेवाओं और क्षेत्रवासियों को मिलने वाले लाभों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र के माध्यम से आयुर्वेद की विशिष्ट चिकित्सा सेवाओं को स्थानीय स्तर पर सुलभ बनाने का प्रयास किया गया है।

मुख्य कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अवनीश कुमार उपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र की स्थापना का उद्देश्य केवल नई चिकित्सा सुविधा शुरू करना नहीं, बल्कि आयुर्वेद की विशिष्ट सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. भास्कर आनंद ने किया।

कार्यक्रम में डॉ. अवनीश उपाध्याय, डॉ. विक्रम सिंह रावत, डॉ. विशाल प्रभाकर, डॉ. सौरमी सोनकर, डॉ. अभानी कौशिक, डॉ. विकास दुबे, डॉ. ज्योति राणा, डॉ. संगीता, डॉ. विजेंद्र कुशवाहा, फार्मेसी अधिकारी शशि कला, स्टाफ नर्स कंचन चतुर्वेदी, योग अनुदेशक दीपक पांडे सहित विभागीय अधिकारी, चिकित्सक, आयुष विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि, आशा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

बहादराबाद में आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र एवं सर्जरी कक्ष का शुभारंभ क्षेत्र तथा आसपास के ग्रामीण इलाकों में आयुष चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे क्षेत्रवासियों को विशेष आयुर्वेदिक उपचार स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने के साथ आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने को भी गति मिलेगी।

देवभूमि खबर

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