अग्निशमन सेकेंड ऑफिसर के 21 प्रशिक्षुओं ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र का किया भ्रमण, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की ली जानकारी

इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र ने कहा कि उत्तराखंड जैसे आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य में अग्निशमन विभाग की भूमिका केवल आग की घटनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी भी आपदा या आपातकालीन परिस्थिति में यह महत्वपूर्ण प्रथम प्रतिक्रिया बल के रूप में कार्य करता है। भूकंप, भूस्खलन, सड़क दुर्घटना, भवन दुर्घटना, आगजनी अथवा अन्य आपातकालीन घटनाओं के दौरान प्रभावित लोगों तक तत्काल पहुंचना, खोज एवं बचाव कार्य करना तथा लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना अग्निशमन विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है।
उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा कि व्यावहारिक प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक बचाव तकनीकों, आपदा प्रतिक्रिया तथा विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय की कार्यप्रणाली को गंभीरता से समझें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावी ढंग से राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा सकें।
अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक राजकुमार नेगी ने प्रशिक्षुओं को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की भूमिका एवं कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, क्षमता विकास, प्रशिक्षण, जन-जागरूकता तथा आपदा के दौरान प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र इस समन्वय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है। प्रशिक्षुओं को आपदा की सूचना प्राप्त होने से लेकर संबंधित जनपद एवं विभागीय अधिकारियों तक सूचना पहुंचाने, प्रतिक्रिया एजेंसियों को सक्रिय करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों के समन्वय की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इस अवसर पर संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा, अग्निशमन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर एस.के. राणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
