आरडी-एफडी के नाम पर 50-60 खाताधारकों से 15-20 लाख रुपये की ठगी, कलेक्शन एजेंट गिरफ्तार

आरडी-एफडी के नाम पर 50-60 खाताधारकों से 15-20 लाख रुपये की ठगी, कलेक्शन एजेंट गिरफ्तार
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ऊधमसिंहनगर। आर्थिक अपराध एवं धोखाधड़ी के मामलों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत सितारगंज पुलिस ने आरडी-एफडी के नाम पर लोगों से धनराशि जमा कराकर कथित तौर पर गबन करने के मामले में वांछित कलेक्शन एजेंट को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजेन्द्र प्रसाद पुत्र सीताराम, निवासी ग्राम रम्पुरा नत्थू, थाना बरखेड़ा, जनपद पीलीभीत, उत्तर प्रदेश, उम्र 42 वर्ष के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार बाँसुरी म्युचुअल बेनिफिट इंडिया निधि लिमिटेड के नाम पर लोगों के आरडी और एफडी खाते खुलवाकर उनसे नियमित रूप से धनराशि जमा कराई जाती थी। आरोप है कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद खाताधारकों को उनकी धनराशि वापस नहीं की गई। मामले में अब तक 11 मूल खाता पुस्तिकाएं, 10 मूल बांड पत्र और सात मूल किस्त रसीदें पुलिस ने कब्जे में ली हैं।

प्रकरण के संबंध में सात जनवरी 2026 को मझरा सिसौना निवासी रविता राणा की तहरीर पर कोतवाली सितारगंज में प्राथमिकी संख्या 18/2026, धारा 316(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान सामने आया कि राजेन्द्र प्रसाद स्वयं को कंपनी का फील्ड मार्केटिंग एवं कलेक्शन एजेंट बताकर लोगों को आरडी-एफडी खाते खुलवाने के लिए प्रेरित करता था। इसके बाद वह खाताधारकों से प्रतिदिन 50, 100, 150 रुपये अथवा निर्धारित किस्त के रूप में नकद धनराशि एकत्र करता और खाता पुस्तिका में प्रविष्टि कर अपने हस्ताक्षर करता था।

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह पांच जून 2023 को कंपनी में कलेक्शन एजेंट के रूप में नियुक्त हुआ था। उसके द्वारा सितारगंज क्षेत्र में करीब 50 से 60 लोगों के खाते खोले गए तथा खाताधारकों से एकत्र करीब 15 से 20 लाख रुपये अजय गंगवार और राजकुमार गंगवार को दिए गए। आरोपी ने अजय गंगवार के कहने पर अपने बैंक खाते से ऑनलाइन धनराशि हस्तांतरित करने की बात भी पुलिस को बताई।

पुलिस के मुताबिक खाताधारकों को प्रतिदिन छोटी-छोटी धनराशि जमा करने और करीब एक वर्ष की अवधि पूरी होने पर मैच्योरिटी राशि वापस मिलने का भरोसा दिलाया गया था। अवधि पूरी होने के बाद धनराशि वापस नहीं मिलने पर आरोपी ने सितारगंज क्षेत्र में कलेक्शन का काम बंद कर दिया और करीब छह माह से फरार चल रहा था।

दो अक्टूबर 2026 को विवेचक उपनिरीक्षक जगत सिंह साही और कांस्टेबल कमल गहतौड़ी चौकी सिडकुल क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मुकदमे में वांछित राजेन्द्र प्रसाद सितारगंज मंडी में मौजूद है। सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

विवेचना एवं पूछताछ में अजय गंगवार, राजकुमार गंगवार और गीता देवी की भूमिका भी प्रकाश में आई है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अजय गंगवार को कंपनी का चेयरमैन, राजकुमार गंगवार को प्रबंध निदेशक और गीता देवी को निदेशक बताया है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 61(2)/3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। अन्य प्रकाश में आए व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक सुंदरम शर्मा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक जावेद मलिक, उपनिरीक्षक जगत सिंह साही, हेड कांस्टेबल मतलूब खान और कांस्टेबल कमल गहतौड़ी शामिल रहे।

देवभूमि खबर

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