डॉक्टर के पर्चे वाली दवाओं के विज्ञापन पर शिकंजा कसने की तैयारी, खुदरा और थोक विक्रेता भी आएंगे दायरे में
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने डॉक्टर के पर्चे पर मिलने वाली निर्धारित दवाओं के विज्ञापनों पर नियंत्रण सख्त करने की तैयारी की है। इसके तहत खुदरा दवा विक्रेताओं, थोक विक्रेताओं और वितरकों को भी विज्ञापन संबंधी प्रतिबंधों के दायरे में लाने का प्रस्ताव रखा गया है। मंत्रालय ने औषधि नियम, 1945 में संशोधन का मसौदा जारी करते हुए हितधारकों और आम जनता से आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किए हैं।
प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) की ओर से 9 अक्टूबर 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य अनुसूची एच, एच1 और एक्स के अंतर्गत आने वाली दवाओं के अनधिकृत प्रचार पर अंकुश लगाना और जन स्वास्थ्य की सुरक्षा को मजबूत करना है। मसौदा संशोधन को औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड (डीटीएबी) से परामर्श के बाद राजपत्र अधिसूचना जीएसआर 861 (ई), दिनांक 28 सितंबर 2026 के माध्यम से अधिसूचित किया गया है।विज्ञापन के लिए केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति जरूरी


