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दून क्लब के हांडी रेस्टोरेंट में मिलीं गंभीर खामियां, रेस्टोरेंट बंद; 14 दिन का नोटिस जारी

दून क्लब के हांडी रेस्टोरेंट में मिलीं गंभीर खामियां, रेस्टोरेंट बंद; 14 दिन का नोटिस जारी
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फ्रीजर में सड़ी-गली सब्जियां, बासी चावल और पुरानी खाद्य सामग्री मिली; रसोई में कॉकरोच और चूहों की मौजूदगी से मचा हड़कंप

देहरादून। आमजन को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखंड में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में देहरादून के न्यू सर्वे रोड, करणपुर स्थित दून क्लब के हांडी रेस्टोरेंट में निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कार्रवाई करते हुए रेस्टोरेंट को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया और संचालक को कमियां दूर करने के लिए 14 दिन का सुधार नोटिस जारी किया गया।

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तराखंड और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की संयुक्त टीम ने रेस्टोरेंट का आकस्मिक निरीक्षण किया। टीम ने रसोईघर, फ्रीजर, खाद्य सामग्री के भंडारण स्थलों, बर्तन धोने के स्थान और स्टोर रूम की जांच की। इस दौरान फ्रीजर में फूलगोभी, मूली, शिमला मिर्च, पत्तागोभी और आलू सहित कई सब्जियां सड़ी-गली अवस्था में मिलीं। लगभग दो दिन पुराने पके चावल, दो से तीन दिन पुराना गूंथा हुआ आटा तथा करीब एक सप्ताह पुरानी मोमोज और चाउमीन बनाने की सामग्री भी पाई गई। खाद्य पदार्थ खुले बर्तनों में रखे गए थे, जिससे उनके सुरक्षित भंडारण पर सवाल खड़े हुए।

निरीक्षण के दौरान रसोईघर और मसालों की अलमारी में कॉकरोच तथा चूहों की मौजूदगी भी मिली। मसालों की कई थैलियां चूहों द्वारा कुतरी हुई पाई गईं। स्टोर रूम में भी चूहों की मौजूदगी सामने आई। बर्तन धोने के स्थान पर अत्यधिक गंदगी, तीन से चार दिन पुराने जूठे बर्तन और जमा कूड़ा-कचरा मिला। नालियां जाम थीं और जल निकासी व्यवस्था भी खराब स्थिति में पाई गई।

रेस्टोरेंट प्रबंधन कर्मचारियों की चिकित्सकीय फिटनेस से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। परिसर में कीट नियंत्रण कराए जाने के प्रमाण और इस्तेमाल किए जा रहे पानी की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं मिली। इन अनियमितताओं को खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर मानते हुए टीम ने तत्काल कार्रवाई की।

खाद्य नमूने जांच को भेजे, करीब 22 किलो सामग्री नष्ट

संयुक्त टीम ने रेस्टोरेंट से पनीर, दूध और डीप फ्रीजर में रखी तैयार चिकन करी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे। मौके पर लगभग पांच किलोग्राम बासी चावल, 15 किलोग्राम सड़ी-गली सब्जियां और दो किलोग्राम मोमोज के साथ बासी चिकन करी को नष्ट कराया गया। नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित खाद्य सुरक्षा कानूनों और नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

संयुक्त निरीक्षण दल में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कपिल देव, अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान दून क्लब के अध्यक्ष मनोज सूरी भी मौके पर उपस्थित थे। टीम ने रेस्टोरेंट के स्वामी अभय सिंह नेगी को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए।

14 दिन में सुधार नहीं किया तो लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई

रेस्टोरेंट संचालक को जारी नोटिस में परिसर की गहन सफाई, खराब खाद्य सामग्री का उचित निस्तारण, प्रभावी कीट नियंत्रण, नालियों और जल निकासी व्यवस्था की मरम्मत, पेयजल की गुणवत्ता की जांच तथा कर्मचारियों की चिकित्सकीय फिटनेस से जुड़े आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि के बाद दोबारा निरीक्षण कर सुधारात्मक कार्यों का सत्यापन किया जाएगा। यदि कमियां दूर नहीं की गईं, तो रेस्टोरेंट का लाइसेंस निलंबित करने सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। खाद्य पदार्थों में मिलावट, अस्वच्छ परिस्थितियों में भोजन तैयार करने और निर्धारित मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और छापेमारी के माध्यम से ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अपर आयुक्त ताजबर जग्गी ने बताया कि प्रदेशभर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की जा रही है। खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, रसोईघर की स्वच्छता, पेयजल की गुणवत्ता और भोजन तैयार करने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि दून क्लब जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इस तरह की अनियमितताएं चिंताजनक हैं। यहां विशिष्ट और अति विशिष्ट व्यक्तियों सहित अनेक गणमान्य अतिथियों का आवागमन रहता है। ऐसे संस्थान में भोजन तैयार करने और परोसने की व्यवस्था का स्वच्छ, सुरक्षित तथा निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सर्वोपरि है तथा खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

देवभूमि खबर

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