कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने शुरु किया “कौशल युवा संवाद“
देहरादून।देवभूमि खबर। 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस और कौशल भारत मिशन की चैथी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने “कौशल युवा संवाद“ (एक युवा संवाद) कार्यक्रम को शुरू करने की घोषणा की है। कौशल युवा संवाद का उद्देश्य सभी कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में युवाओं के साथ एक खुली चर्चा करना है, ताकि उनके विचारों, कल्पनाओं, आकांक्षाओं और सुझावों को सुन कर, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहें मौजूदा कौशल विकास कार्यक्रम को ओर बेहतर बनाया जा सकें। कौशल युवा संवाद का आयोजन भारत के सभी कौशल प्रशिक्षण केंद्रों, प्रधानमंत्री कौशल केंद्रों (पीएमकेके), औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई), पॉलीटेक्निकों, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), जन शिक्षण संस्थानों, डीडीयू-जीकेवाई केंद्रो और अन्य शुल्क-आधारित प्रशिक्षण केंद्रों में किया जा रहा है। इस संवाद में भाग लेने के लिए प्रत्येक प्रशिक्षण केंद्रों को न्यूनतम 20 युवाओं को आमंत्रित करना होगा। कार्यक्रम के बाद, युवाओं द्वारा दिए गए सिझावों को पोर्टल के माध्यम से कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के समक्ष पहुंचाया जाएगा। कौशल युवा संवाद कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पाण्डेय ने कहा, “पिछले 5 वर्षों में, हमारी सरकार ने देश में कौशल विकास की नींव रखने में सफलता पा ली है। कौशल विकास के इस मिशन में सालाना एक करोड़ से अधिक युवा शामिल हो रहे हैं। इसलिए हमारे लिए यह जरूरी है कि हम युवाओं के दृष्टिकोण को समझें और इस मिशन को ओर बेहतर बनाएं। कौशल युवा संवाद कार्यक्रम युवाओं द्वारा उठाएं गए संभावित मुद्दों और उनके समाधानों पर चर्चा करने के लिए मंच होगा और हमें युवाओं की आकांक्षाओं के अनुसार इस कार्यक्रम में बदलाव लाने का नजरिया देगा।”

