चतुर्मास की स्थापना पर होगें कईं कार्यक्रम
देहरादून। जैन मंदिर जैन धर्मशाला मैं एक प्रेस वार्ता जैन मुनि श्री 108 सौरभ सागर जी महाराज के सानिध्य में की गई जिसमें मुख्य रूप से 15 जुलाई को जैन मुनि के चातुर्मास की स्थापना के विषय मे बताया गया।
जिसमें महाराज जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए संदीप जैन शास्त्राी ने कहाँ की 13 साल की उम्र में वैराग्य की भावना उत्तपन्न होते ही घर त्याग कर धर्म की और अग्रसर हो गए थे अपने जीवन मे धर्म की राह पर बढ़ते हुए जीवो की रक्षा हेतु जगह जगह चमड़े का भी त्याग करवाया जगह जगह गरीबो के लिए हाॅस्पिल व विधालियों का निमार्ण किया अपनी साधना में लीन रहते हुए संसार के हर प्राणी मात्रा के लिए धर्म के उदबोध्न के साथ साथ उनके आत्मकल्याण के लिए उदारता के साथ बहुत से शहरों कस्बो गाँवो में हर उस चीज का निमार्ण कराया जिससे किसी भी जरूरत मंद की जरूरत पूरी की जा सके मतलब मुनि श्री ने अपने सन्यास का अधिकतर समय लोक कल्याण के लिए समर्पित किया और आगे भी करते रहेंगे धर्म संस्कृति एवं जैनत्व को सुरिक्षत रखते हुए।
फिर मुनि सौरभ सागर महाराज ने कहाँ की चातुर्मास धर्म ध्यान का सीजन हैं कुछ धर्म सीखने का वक्त हैं। जैसे वर्षा की हर बूंद किसी के लिए भेद भाव नही करती वैसे ही एक संत की वाणी किसी एक धर्म व एक समाज के लिए नही बल्कि अन्य समाज के लिए भी लाभ देती हैं। वार्ता में विनोद जैन प्रवीण जैन संदीप जैन हर्ष जैन संजय जैन विनय जैन व मीडिया प्रभारी मंजू जैन आदि उपस्थित थे।

