फल एवं सब्जी संरक्षण के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

चमोली।देवभूमि खबर।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत दशोली ब्लाक की महिला स्वयं सहायता समूह को फल एवं सब्जी संरक्षण के लिए दिए जा रहे 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरूवार को संपन्न हुआ। उद्यान विभाग के तत्वाधान में राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केन्द्र गोपेश्वर में संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे ने सफलता पूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने पर एसएचजी की महिलाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर समूह की महिलाओं व अन्य काश्तकारों को आवला, अमरूद, कटहल आदि फलदार पौध भी वितरित किए गए।
प्रभारी जिलाधिकारी/सीडीओ हंसादत्त पांडे ने महिला समूह को फल एवं सब्जी संरक्षण के लिए दिए गए प्रशिक्षण का लाभ उठाने की बात कही। उन्होंने महिलाओं को फलों से जूस, मुरब्बा, जैली, अचार आदि उत्पाद तैयार करने के लिए अपने क्षेत्र में छोटी-छोटी यूनिट स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। कहा कि ऐसी यूनिटों की स्थापना से समूह की महिलाओं को रोजगार मिलेगा और उनकी आर्थिकी भी मजबूत होगी। कहा कि समूह के माध्यम से सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के लिए उद्योग विभाग के माध्यम से आसान शर्तो पर ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है।
प्रभारी जिलाधिकारी ने महिला समूह को जैविक खेती के लिए भी प्रेरित किया। कहा कि देशी गाय व बकरी के गोबर से वर्मी कम्पोस्ट के जरिए अच्छी खाद तैयार की जा सकती है और सब्जियों के उत्पादन को बढाया जा सकता है। समूह की महिलाए ग्रामीण हाॅट तैयार कर अपने उत्पादों को आसानी से बेच सकती है। उन्होंने महिला समूहों को अपने क्षेत्र में मनरेगा के तहत मछली पालन हेतु तालाब निर्माण, फल व सब्जी बीज की नर्सरी तथा जल संर्वद्धन से जुड़े कार्यो पर फोकस करने की बात कही। स्वच्छता के लिए महिलाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि खाना खाने से पहले हाथों को साबुन से धोने, बरसात में पानी को उबाल कर पीने तथा महावारी में सेनेटरी नैपकिन के उपयोग से बहुत सारी बीमारियों छुटकारा मिल सकता है। इस दौरान उन्होंने सफलता पूर्वक प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा करने पर सभी महिलाओं को बधाई देते हुए प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
पीडी प्रकाश रावत ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के बारे जानकारी दी। कहा कि इस योजना का मुख्य उदेश्य महिला समूहों को आजीविका से जोड़कर उनकी आर्थिकी को मजबूत करना है। बताया कि प्रत्येक गांव में महिलाओं को एनआरएलएम के समूह से जोड़कर योजना का लाभ पहुॅचाने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्य उद्यान अधिकारी नेरेन्द्र यादव ने फलों एवं सब्जियों से विभिन्न तरह के जूस, अचार, मुरब्बा, जैली, चटनी आदि उत्पाद तैयार करने एवं उनके विपणन के संबध में जानकारी दी। कहा कि समूह उद्यान एवं रेखीय विभागों से सहयोग लेकर अच्छी आजीविका अर्जित कर सकते है।
जीएम डीआईसी डा0 एमएस सजवाण ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की स्थापना के लिए ऋण सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि समूहों को यूनिट स्थापना के लिए 40 प्रतिशत तक छूट एवं 20 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है और केवल ऋण राशि का 40 प्रतिशत ही बैंकों को लौटाना होता है। उन्होंने कहा कि समूह की महिलाए पीएमईजीपी के तहत बैंको से ऋण लेने के लिए अपना आवेदन कर सकती है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के अवसर पर अपर खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी रमेशी जोशी, ग्राम विकास अधिकारी मोहन जोशी सहित एनआरएलएम समूह की महिला सदस्य सुमित्रा, गीता, सुधा, बिन्दु, जानकी, पूनम, संगीता, लक्ष्मी, जशोदा, संतोषी, चन्द्रकला, दीपा, शकुन्तला आदि मौजूद थी।

