गैरसैण राजधानी निर्माण अभियान ने राज्य आंदोलन के शहीदोंं को दिया तर्पण और श्राद्ध|
देहरादून । गैरसैण राजधानी निर्माण अभियान ने उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों को देव पितरों के रूप में अपनी ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए शनि अमावस्या के उपलक्ष पर पितृ तर्पण और श्राद्ध का आयोजन किया। पंचायती मंदिर के पुरोहित पंडित सुशील थपलियाल ने पितृ तर्पण और श्राद्ध कार्यक्रम को संपन्न करवाया। गैरसैण राजधानी निर्माण अभियान द्वारा आयोजित पितृ तर्पण और श्राद्ध कार्यक्रम में मुख्य यजमानों द्वारा सिर मुंडवाया गया। पूर्ण विधि-विधान से राज्य आंदोलन के शहीदों को दिए गए पितृ तर्पण और श्राद्ध में मुंडन करवाने वाले यजमानों में गैरसैण राजधानी निर्माण अभियान संरक्षक इंजीनियर ए.पी.जुयाल, संयोजक प्रमुख लक्ष्मी प्रसाद थपलियाल, प्रख्यात संगीत निदेशक राजेंद्र सिंह चौहान, पूर्व प्राचार्य जेपी चमोला, व युवा अभियानकर्मी राजेंद्र सिंह नेगी रहे।। इस अवसर पर पितृ तर्पण और श्राद्ध कार्यक्रम में सभी उपस्थित लोगों के बीच केसर युक्त खीर बांटी गई।
गैरसैण राजधानी निर्माण अभियान के द्वारा आयोजित पितृ तर्पण और श्राद्ध कार्यक्रम के प्रयोजन बारे में मुख्य रणनीतिकार मनोज ध्यानी ने बताया कि शनि अमावस्या का यह अद्बुद योग कई वर्षों में बनता है और यह पितृपक्ष पूजन के लिए बेहद ही शुभ समय माना जाता है।उन्होंने बताया कि गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान 17 सितंबर 2018 से निरंतर धरना स्थल पर धरना संचालित किया जा रहा है जिसमें प्रदेश की राजधानी गैरसैंण बनाना प्रमुख था।
बताया गया कि उत्तराखंड राज्य के लिए जो संघर्ष किया गसा था उसमें राजधानी की संकल्पना गैरसैंण में ही की गई थी। गैरसैण राजधानी निर्माण अभियान ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि जब तक राजधानी गैरसैण से संचालित व्यवस्था निर्मित नहीं होती तब तक संगठन लगातार संघर्ष करता रहेगा और आंदोलन को जारी रखेगा।इस अवसर पर अगले कार्यक्रम की घोषणा गैरसैण राजधानी निर्माण अभियान के संरक्षक मंडल सदस्य रघुवीर सिंह बिष्ट द्वारा की गई। व कहा गया कि 07 अक्टूबर को दुर्गा नवमी के अवसर पर गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान के मॉच पर लोकसंस्कृति का कार्यक्रम मंडाण कार्यक्रम का आयोजन होगा। इस अवसर पर संरक्षक मंडल सदस्य पीसी थपलियाल, युवा संयोजक मदन सिंह भंडारी, विजय सिंह रावत, सुभाष रतूूडी, विकास सेमवाल, पूर्व पार्षद रविन्द्र प्रधान, सुशील कैंतुरा, कृष्ण काँत कुनियाल, सुभाष रतूडी, प्रवीण गुसाँई, पुष्कर सिंह नेगी, जे.एस जंगपांगी, ललित रावत, हर्ष मैंदोली, महावीर सिंह नेगी, मनीष रावत, रोहन सिंह, प्रदीप चौहान, आदि बड़ी संख़्या में गैरसैंण अभियानकर्मी सम्मिलित हुए।

