पंडित विद्यादत्त शर्मा के जीवन पर आधारित डाक्यूमेंट्री फिल्म ‘‘मोती बाग‘‘ पौड़ी प्रेक्षागृह हाॅल में की गई प्रदर्शित
पौड़ी।आस्कर अवार्ड के लिए चयनित कल्जीखाल ब्लाक के सांगुड़ा निवासी 83 वर्षीय बुजुर्ग पंडित विद्यादत्त शर्मा के जीवन पर आधारित डाक्यूमेंट्री फिल्म ‘‘मोती बाग‘‘ को आज प्रेक्षागृह हाॅल में प्रदर्शित किया गया। इस मौके पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में फिल्म का प्रसारण देखा।
डाक्यूमेंट्री फिल्म ‘‘मोती बाग‘‘ को अपराह्ंन 12.00 से 1.00 बजे तक प्रदर्शित किया गया। फिल्म के समापन के बाद जिलाधिकारी धीराज सिंह गब्र्याल और पंडित विद्यादत्त शर्मा ने अपने विचार व अनुभव साझा किये। उन्होंने फिल्म निर्देशक निर्मल चन्द और बुजुर्ग काश्तकार पंडित विद्यादत्त शर्मा के प्रयासों को सराहनीय बताया। कहा कि पहाड़ में ऐसे ही स्वरोजगार जनित योजनाओं को बखूबी संचालित किया जा सकता है। तभी पहाड़ में पलायन पर अंकुश लगाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पौड़ी में अन्य जिलों की अपेक्षा अधिक पलायन हुआ है। जिसमें पलायन का मुख्य कारण पहाड़ों में रोजगार की कमी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को कृषि, उद्यानीकरण, पशुपालन और पर्यटन की क्षेत्रों में सम्भावनाओं को तलाशना चाहिए। तभी पहाड़ में रोजगार और पलायन को रोका जा सकेगा। उन्होंने सभी रेखीय विभागों को भौगोलिक क्षेत्र के अनुसार कलस्टर आधारित कृषि, उद्यानीकरण, पशुपालन और पर्यटन की योजनाओं को तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र के भौगोलिक बनावट जैसी है उसी के आधार पर वहां योजना तैयार की जाए। यहां तक कि उस क्षेत्र के स्थानीय लोगों को कृषि आधारित योजनाओं के लिए जन जागरूकता अभियान भी चलाए जांए। उन्होंने कहा कि पौड़ी में सेब आदि की फसलों को हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यही नहीं हिमाचल से सेब विशेषज्ञ वर्ष में 7 से 8 बार फसलों का निरीक्षण कर विभाग को अन्य तकनीकी जानकारी भी देंगे। कहा कि हिमाचल, कश्मीर और विदेशों में भी युवा इनके उत्पादन की तकनीकी जानकारी लेकर पेशे के रूप में कैरियर निर्माण कर रहे हैं। उत्तराखंड राज्य में तो काश्तकारों को इस प्रकार की योजनाओं के लिए सरकारी अनुदान भी मुहैया कराया जा रहा है। उन्होंने तकनीकी ज्ञान लेकर अधिक से अधिक युवाओं को इस क्षेत्र में भविष्य संवारने का आवाह्न किया।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, परियोजना निदेशक एसएस शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार त्रिभुवन उनियाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी, स्कूली बच्चे, रंगकर्मी आदि उपस्थित रहे।

