उत्तमनगर में बाबा बुढ्ढा साहब गुरुद्वारा को बचाने की मांग को लेकर सिख समाज का प्रदर्शन
रुद्रपुर।देवभूमि खबर । सिख संगठन उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में सिख समुदाय के लोगों ने एनएच 74 पर हथमना के ग्राम उत्तमनगर में बाबा बुढ्ढा साहब गुरुद्वारा को बचाने की मांग को लेकर एनएच के परियोजना निदेशक के दफ्तर पर प्रदर्शन करके प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्तियों द्वारा मुआवजे का लाभ अर्जित करने के लिए एनएच 74 के अधिकारियों से सांठगांठ करके सड़क की अवधि में सर्वे को एक साजिश के तहत परिवर्तित किया है।
संगठन के संरक्षक तजिंदर सिंह विर्क ने कहा कि वर्ष 2012 13 में पानीपत खटीमा राजमार्ग एनएच 74 के फोरलेन का विस्तार प्रारंभ हुआ, जिसमें किलोमीटर 235.480 से 239.090 राजस्व ग्राम हथमना तहसील बहेड़ी के हिस्से में प्राथमिक सर्वे में सड़क की उत्तर दिशा में ही सड़क चौड़ी की जाने के लिए ड्राफ्टिंग की गई थी, परंतु कुछ राजनीतिक पहुंच वालों ने अपने हित के लिए धन बल का प्रयोग करते राजमार्ग के सर्वे टीम से सांठगांठ करके उत्तर दिशा की ओर प्रस्तावित सड़क को सड़क के मध्य से दक्षिण दिशा की ओर पुनरू सर्वे कराकर सड़क की दिशा बदल दी। जिससे उक्त गुरुद्वारा इस सड़क की जद में आ गया। जब क्षेत्र के सिख समाज को इसकी जानकारी हुई तो उनमें रोष फैल गया, क्योंकि पहले सर्वे में सड़क उत्तर की ओर प्रस्तावित थी। जिससे न तो सड़क में सी बैंड आ रहा था और न ही गुरुद्वारा प्रभावित हो रहा था। अब सड़क में सी बैंड भी आ रहा है और गुरुद्वारा प्रभावित हो रहा है, जिससे यहां हादसों का खतरा बना रहेगा। आरोप लगाया कि गजट नोटिफिकेशन में तीन बार फेरबदल किया गया। जिसमें भारी भ्रष्टाचार किया गया है। कहा कि पहले भी सिख समुदाय ने इस प्रकरण की न्यायिक जांच की मांग की है।
अब इस राजमार्ग के चौड़ीकरण में तीन सौ करोड़ का घोटाला उजागर हो चुका है। जिसमें कई राजपत्रित अधिकारी निलंबित हो चुके हैं। सरकार एसआईटी से मामले की जांच करा रही है। कहा कि यूपी के हिस्से में भी भ्रष्टाचार की आशंका को नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने मांग की कि क्षेत्र की जनता की भावनाओं को देखते हुए गुरुद्वारे को टूटने से बचाया जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। प्रदर्शन करने वालों में अंग्रेज सिंह, जीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, बलदेव सिंह, हरपिंदर सिंह, प्रीतम सिंह, रघुवीर सिंह, दयाल सिंह, अवतार सिंह, जसवीर सिंह, वीर सिंह, मान सिंह, परमजीत सिंह, मसतान सिंह, लखविंदर सिंह, अमरजीत सिंह आदि शामिल थे।
