कोरोना से जंग में मूक-बधिर होने के बावजूद अपने पुत्र के साथ जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं दिव्यांग

कोरोना से जंग में मूक-बधिर होने के बावजूद अपने पुत्र के साथ जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं दिव्यांग
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देहरादून। कोरोना महामारी के कारण देशभर में लॉकडाउन जारी है। 3 मई तक बढ़ाए गये लॉकडाउन के बीच प्रदेश में भी हर कोई लोगों की मदद के लिए आगे आ रहा है। देहरादून में ऐसे कोरोना वॉरियर भी हैं जो मूक-बधिर होने के बावजूद अपने पुत्र के साथ जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। देहरादून निवासी मिथुन रौथाण और उनके पुत्र सिद्धांत रौथाण लॉकडाउन के बीच लोगों के लिए राशन पहुंचाने का काम कर रहे हैं। सिद्धांत रौथाण के पिता मिथुन रौथाण मूक-बधिर होने के बावजूद लॉकडाउन के दौरान लोगों तक मदद पहुंचाकर एक मिसाल पेश कर रहे हैं। मिथुन रौथाण पेशे से एक फैक्ट्री वर्कर हैं। उनका पुत्र सिद्धांत 11वीं कक्षा का छात्र है। एक मध्यमवर्गीय परिवार होने के बावजूद भी मिथुन कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग में अपने पुत्र के साथ जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आए हैं। मिथुन रौथाण की ओर से पुलिस के जरिए जरूरतमंदों के लिए राशन मुहैया कराया गया है। उन्होंने आम जनता से यह अपील की है की मुश्किल की इस घड़ी में हर किसी को आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। कोई भी नागरिक भूखा न सोए।

देवभूमि खबर

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