योगी सरकार डिफॉल्टर बिल्डरों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी में

योगी सरकार डिफॉल्टर बिल्डरों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी में
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नोएडा। पिछले करीब सात-आठ वर्ष से निवेशकों को घर न देने वाले व खुद को दिवालिया घोषित करने के प्रयास में लगे बिल्डरों के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। इन बिल्डरों की संपत्ति जब्त करके निवेशकों का पैसा या घर दिलाया जाएगा। इसके लिए बिल्डर को तीन श्रेणी में बांटा गया है।
यह जानकारी शासन की ओर से तीनों प्राधिकरण अधिकारियों को दी गई है। चार दिसंबर को इसकी समीक्षा की जाएगी। इसके लिए मंत्रियों की एक समिति दिल्ली में अधिकारियों के साथ बैठक करेगी। मुख्यमंत्री योगी की मंशा के अनुरूप सरकार निवेशकों को फ्लैट दिलाने के लिए पूर्ण प्रयास कर रही है। इसके लिए तीन सदस्यीय मंत्री समिति का गठन भी किया है।
30 दिसंबर तक 50 हजार निवेशकों को घर दिया जाना है। जिसमें नोएडा में 12 हजार और बाकी के फ्लैट ग्रेटर नोएडा वेस्ट में हैं। ऐसे में शासन ने बिल्डरों को तीन श्रेणी में बांटा है। इसमें एक श्रेणी में ऐसे बिल्डर हैं जो लोगों को समय पर घर दे सकते हैं, लेकिन इसमें उन्हें कुछ समस्याएं आ रही हैं। इसके लिए शासन ने जिले के तीनों प्राधिकरण अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वह बिल्डरों की इन समस्याओं पर विचार करें।
दूसरी श्रेणी में वह बिल्डर हैं, जिनके प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए को-डेवलपर की जरूरत है। ऐसे बिल्डरों को प्राधिकरण स्तर से भी को-डेवलपर दिलाने का कार्य किया जाएगा।
तीसरी श्रेणी में वह डिफॉल्टर बिल्डर हैं, जो खुद को दिवालिया घोषित करने और लोगों को घर नहीं देने का विचार कर रहे हैं। ऐसे बिल्डरों की संपत्ति जब्त कर लोगों को उनका हक दिलाया जाएगा। यह कार्य जनवरी से शुरू किया जाएगा। प्राधिकरण अधिकारियों द्वारा इस पर सर्वे शुरू कर दिया गया है।
निवेशकों ने बुकिंग से लेकर अब तक फ्लैट का 90 से 95 प्रतिशत तक पैसा बिल्डरों के खातों में जमा कराया है। इसके बाद भी बिल्डरों ने निवेशकों को फ्लैट नहीं दिए। ऐसे में सभी बिल्डरों का ऑडिट किया जा रहा है। इसकी शुरुआत तीनों प्राधिकरण द्वारा की जा चुकी है। इसके तहत यह पता लगाया जा रहा है कि निवेशकों का पैसा कहां है और बिल्डरों ने इन पैसों को अन्य किन परियोजनाओं में कहां-कहां लगाया है।

देवभूमि खबर

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