नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने रखा विकसित उत्तराखंड का विजन, हिमालयी राज्यों के लिए विशेष नीति समर्थन की मांग

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की बैठक में उत्तराखंड के विकास का रोडमैप प्रस्तुत करते हुए हिमालयी राज्यों के लिए जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी संरक्षण और आपदा प्रबंधन से जुड़े विषयों पर विशेष नीति समर्थन तथा दीर्घकालिक वित्तीय व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 का आधार मजबूत मानव पूंजी है और इसी दिशा में राज्य सरकार शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और युवा सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हजारों आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा गया है तथा विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, वर्चुअल क्लासरूम और कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। उच्च शिक्षा संस्थानों में शोध, नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा देकर युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में देश के लिए व्यापक संभावनाएं हैं। इन्हें ध्यान में रखते हुए देवभूमि उद्यमिता विकास योजना, स्टार्टअप प्रोत्साहन कार्यक्रम, उद्योग-अकादमिक सहयोग और आईटीआई संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने जैसी पहल लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि “विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड” के संकल्प के तहत कृषि, उद्योग, पर्यटन, ऊर्जा और सेवा क्षेत्र को जोड़कर समन्वित विकास मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम निवेश, रोजगार और प्रति व्यक्ति आय में दिखाई दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती, बागवानी, औषधीय पौधों, योग एवं वेलनेस, पर्यटन और ग्रीन एनर्जी को भविष्य के विकास इंजन के रूप में विकसित कर रही है। साथ ही उत्तराखंड को नॉलेज बेस्ड इकोनॉमी, वेलनेस इकोनॉमी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमालय, गंगा, यमुना और राज्य के विशाल वन क्षेत्र पूरे देश की अमूल्य धरोहर हैं, इसलिए हिमालयी राज्यों के लिए जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी संरक्षण, आपदा प्रबंधन, कार्बन न्यूट्रैलिटी, ग्रीन एनर्जी और पर्वतीय अवसंरचना विकास से जुड़े विषयों पर विशेष नीति समर्थन और दीर्घकालिक वित्तीय व्यवस्था आवश्यक है।
सुशासन और तकनीकी नवाचार पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि परिवार पहचान योजना, खनन क्षेत्र में डिजिटल निगरानी प्रणाली, भूमि उपयोग परिवर्तन प्रक्रिया का ऑनलाइन सरलीकरण और महिला सशक्तिकरण से जुड़े सुधारों ने शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया है। वहीं पिरूल आधारित ऊर्जा उत्पादन जैसे नवाचार पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की विकास यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि भारत अमृतकाल के लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए विश्व की अग्रणी शक्तियों में अपना स्थान लगातार मजबूत कर रहा है और उत्तराखंड भी इस राष्ट्रीय अभियान में पूरी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ योगदान देता रहेगा।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 12 वर्ष के रिकॉर्ड कार्यकाल पर बधाई देते हुए इसे लोकतांत्रिक इतिहास में निरंतर जनादेश प्राप्त कर राष्ट्रसेवा का नया कीर्तिमान बताया। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री और नीति आयोग के सभी सदस्यों को अगले वर्ष उत्तराखंड में आयोजित होने वाले कुंभ मेला और नंदा राजजात में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।

