जिलाधिकारी ने की जिला स्तरीय वनाग्नि प्रबन्धन समिति की बैठक
रूद्रपुर।जिलाधिकारी श्रीमती रंजना राजगुरू की अध्यक्षा में कलक्ट्रेट सभागार में जनपद के अन्तर्गत वनो की अग्नि से सुरक्षा हेतु जिला स्तरीय वनाग्नि प्रबन्धन समिति की बैठक आयोजित की गयी। जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी गर्मी के सीजन को देखते हुये वनाग्नि को रोकने हेतु अभी से कारगर कदम उठाये जाये। उन्होने कहा कि वनाग्नि को रोकने के लिये ग्राम पंचायत स्तर व विद्यालयों में जनजागरूकता कार्यक्रम चलाये जाये ताकि वनाग्नि को रोकने के लिये सभी अपने स्तर से प्रयास कर सकें। उन्होने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वनाग्नि को रोकने व वनाग्नि से होने वाले नुकसानों की जानकारी के लिये जनपद में जागरूकता रथ भी चलाये जाये। जिलाधिकारी ने कहा कि वन हमारी राष्ट्रीय सम्पदा है इसे आग से बचाना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होने कहा आग से जहां वनों को नुकसान होता है वही पशु व पक्षी भी इसके शिकार होते है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जंगलों मंे आग लगाते हुये यदि कोई देखा गया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुये सख्त कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। उन्होने जनपदवासियों से अपील करते हुये कहा कि वे की घटनाओं की जानकारी कन्ट्रोल रूम नम्बर 05944-250250, 250060, 05946-253309, 251475 पर दे सकते है ताकि वनाग्नि पर शीघ्र काबू किया जा सके। जिलाधिकारी ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि वनाग्नि की घटनाओं की रोक-थाम हेतु वन क्षेत्रों में समय से क्रू स्टेशन स्थापित किये जाये। उन्होने कहा कि प्रभागीय वनाधिकारी जनजागरूकता के तहत ग्रामवासियों एवं वन सुरक्षा समितियों को प्रशिक्षित करते हुये अग्नि नियंत्रण उपायों का प्रचार-प्रसार करें। उन्होने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि तहसील/ब्लाक स्तर पर आयोजित होने वाले बहुउद्देशीय शिविरो में स्टाल लगाकर पम्पलेट आदि के माध्यम से वनाग्नि से बचाव हेतु अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाये। उन्होने कहा कि अग्नि सुरक्षा हेतु जो भी उपकरणों की आवश्यकता है उसका प्रस्ताव बनाकर जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी को उपलब्ध कराये। जिलाधिकारी ने जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी को वनाग्नि की सुरक्षा हेतु शीघ्र कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने वर्चुअल के माध्यम से जुडे सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि वनाग्नि सुरक्षा हेतु अपने-अपने क्षेत्रांे में समय से आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि सम्बन्धित वनाधिकारियों से आपसी तालमेल बनाकर कार्य करें ताकि वनाग्नि से होने वाली जनहानि को रोका जा सकें। उन्होने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिये कि जो भी स्कूल वन क्षेत्रान्तर्गत आते है उन्हे समय पर चिन्हित करते हुये वनाग्नि सुरक्षा के आवश्यक कदम उठाये।
इस अवसर पर डीएफओ संदीप कुमार व डा0 अभिलाषा सिंह, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना, ओसी एनएस नबियाल, उप जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 डीएस पंचपाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्या, सीएफओ वीबी यादव, एसडीओ वन विभाग ध्रुव सिंह मर्तोलिया, एआरटीओ पूजा नयाल, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी उमाशंकर नेगी, आदि उपस्थित थे।

