जिले की विभागीय भूमि/परिसम्पत्तियों से अतिक्रमण हटाने को लेकर समीक्षा बैठक, 15 दिन में सम्पत्ति पंजिका व GIS मैपिंग के निर्देश

रूद्रपुर। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने जिले की विभागीय भूमि एवं परिसम्पत्तियों से अतिक्रमण हटाये जाने को लेकर जिला सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विभागीय सम्पत्तियों के सुव्यवस्थित प्रबंधन और अतिक्रमण रोकने पर विशेष जोर दिया गया।
अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि जिन विभागों द्वारा अब तक विभागीय परिसम्पत्तियों की सम्पत्ति पंजिका तैयार नहीं की गई है, वे सभी विभाग 15 दिन के भीतर सम्पत्ति पंजिका बनाते हुए परिसम्पत्तियों की जीआईएस मैपिंग करें तथा निर्धारित एप पर पोलीगन तैयार करना सुनिश्चित करें। जिन विभागों द्वारा पोलीगन तैयार कर लिया गया है, उन्हें समय-समय पर एप पर अपडेट करते रहने के निर्देश भी दिये गये, ताकि शासन स्तर पर वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलती रहे।
उन्होंने कहा कि जिन विभागीय परिसम्पत्तियों पर अतिक्रमण है, वे तत्काल अतिक्रमण हटाते हुए यह प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें कि विभागीय सम्पत्ति पर कोई अतिक्रमण नहीं है। साथ ही सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गये कि विभिन्न विभागों के नाम दर्ज भूमि का परीक्षण कराते हुए एक माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि विभागीय परिसम्पत्तियों का प्रबंधन और अधिक कुशल बनाया जाए, जिससे उनका बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय संपत्ति प्रबंधन का उद्देश्य परिसम्पत्तियों की सुरक्षा, समुचित प्रबंधन और उपयोग है, ताकि किसी भी स्थिति में अतिक्रमण की संभावना न रहे। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिये गये कि किस परिसम्पत्ति का किस उद्देश्य के लिए उपयोग किया जा सकता है, इसकी भी वस्तुसूची तैयार की जाए।
नगर निकाय अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि निकाय क्षेत्रों में निरंतर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते रहें, जिससे सड़कों, नालियों और नालों पर किसी प्रकार का अतिक्रमण न हो सके।
बैठक में अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, महाप्रबंधक उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड निर्मला बिष्ट, ओसी गौरव पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता सिंचाई पी.के. दीक्षित, एसीएमओ डॉ. हरेन्द्र मलिक, अधिशासी अभियंता सिंचाई बी.एस. डांगी, ए.एस. नेगी, जल निगम के सुनील जोशी, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर जातवेद पाण्डे, जीआईएस एक्सपर्ट पिंकेश सिंह रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं नगर निकायों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।

