उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने श्रीमती इंदिरा ह्रदयेश के निधन पर गहरा शोक व्यक्त कर श्रद्धा सुमन अर्पित किये
देहरादून।उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री व नेता प्रतिपक्ष श्रीमती इंदिरा ह्रदयेश के अकस्मात निधन पर गहरा शोक व्यक्त कर श्रद्धा सुमन अर्पित किये।
वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी व महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुशीला बलूनी व प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके जाने से उत्तराखण्ड को गहरी क्षति हुई है़ वह अकेली महिला नेत्री थी जो उत्तर प्रदेश में सन 1975 से लेकर आज तक लगातार राजनैतिक और समाजिक तौर पर प्रतिनिधित्व करती रही और बेहतरीन संसदीय ज्ञान की धनी थी।
जिला अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती व प्रदेश महासचिव रामलाल खंडूड़ी ने कहा कि उत्तराखण्ड की विधानसभा में अब विधानसभा सत्र अधूरा तो होगा ही साथ ही जनप्रतिनिधि व मंत्रालयो की गहरी समझ की जानकारी रखने वाली शख्सियत मौजूद नही होगीं और एक बड़ा शून्य रहेगा। वह अकेली नेता थी जिनसे विपक्ष भी सलाह लेता था और सत्तापक्ष भी उन्हे विश्वास में लेता था।
सुलोचना भट्ट एंव भुवनेश्वरी नेगी ने कहा इंदिरा हृदेश जी उत्तराखण्ड में वह दिवंगत प्रधनमंत्री इंदिरा गांधी की तरह प्रतीक थी जिन्हे लम्बा अनुभव के साथ साफगोई से बोलने वाली व अच्छी संसदीय जानकारी रखने वाली नेता थी।
श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालो में मुख्यतः सुशीला बलूनी , जगमोहन सिंह नेगी , रामलाल खंडूड़ी , प्रदीप कुकरेती , रविन्द्र जुगरान , अनिल वर्मा , वीरेन्द्र पोखरियाल , वेदा कोठारी , कुलदीप कुमार , सुरेश नेगी , सुरेश कुमार , हरजिंदर सिंह , वीरेन्द्र गुंसाई , चन्द्र किरण राणा , सतेन्द्र नोगाई , बीर सिंह रावत , अजय डबराल , कमल गुंसाई , आचार्य श्रीत , प्रभात डण्डरियाल , अनुज नौटियाल , विपुल नौटियाल , दीपक बर्थवाल , गणेश डंगवाल , जयदीप सकलानी , सतेन्द्र भण्डारी , केशव उनियाल ,विनोद असवाल , हरी सिंह , सुदेश सिंह , अनुराग भट्ट व सुमन भण्डारी और गौरव खंडूड़ी रहे।

