आशा कार्यकत्रियों ने अपनी मांगों को लेकर स्वास्थ्य महानिदेशक कार्यालय पर दिया धरना
देहरादून।आशा फैसिलिटेटरों ने अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर स्वास्थय महानिदेशक कार्यालय पर धरना दिया।
इस अवसर पर कार्यक्रम को सबोंधित करते हुए संगठन की महामंत्री रेनू नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन हम 606 आशा फैसिलिटेटर कार्यरत हैं जो उत्तराखंड के ग्रामीण शहरी एवं सुदूरवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में 11226 आशाओं का प्रतिनिधित्व एवं मार्गदर्शन करते हुए सरकार की योजना को सफल बनाने में योगदान दे रही हैं ।उन्होंने कहा कि आशा स्वास्थ्य संबंधी जानकारी टीकाकरण ,स्वच्छता, जच्चा-बच्चा ,पल्स पोलियो मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना एवं कोविड-19 कोविड-19 कर रहे हैं. .
उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ती एवम आशा फैसिलिटेटरों का विगत 5 माह से राज्य सरकार द्वारा दी जानें वाले रप्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया है ।आशा फैसिलिटेटर उनको 20 दिन की मोबिलिटी के स्थान पर 30 दिन का निश्चित मानदेय दिया जाय। उन्होने कहा कि आशा को अपने कार्य को शुरू करने के लिए आशा संगिनी एप पर रिपोर्ट दर्ज करने के लिए मोबाइल एवम आशा फैसिलिटेटरो को मोबाइल एवम टैबलेट दिए जानें की घोषणा की गई थी किंतु अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया जिसके कारण उनके द्वारा रिपोर्टिंग करने में काफी परेशानी हो रही है ।
श्रीमती नेगी ने कहा कि आशा फैसिलिटेटरों को यात्रा भत्ता दिया जाए क्योंकि हम क्षेत्र में जाने वाले हैं तो कोई सुविधा नहीं जाती है ।इस क्षेत्र में जाने हेतु रिजर्व गाड़ी करके ही जाना पड़ता है क्योंकि आवागमन की सुविधा हर चीज में उपलब्ध नहीं होती है । उन्होने कहा कि आशा यह सफेद द्वारा किए गए कार्यों के नीचे टिप का भुगतान समय पर किया जाए जहां पर आशा की संख्या ज्यादा हो वहां पर आशाओं को प्रोन्नत कर आशा फैसिलिटेटर बनाए जाए।

