भ्रष्टाचारियों की देखरेख में करेंगे पीएम मोदी बद्री केदार के दर्शन : सूरज नेगी
बद्री केदार मंदिर समिति में हो रहे भ्रष्टाचार पर सरकार मौन
धार्मिक संस्थानों को बनाया भाजपा ने लूट का केंद्र
देहरादून।हिमालय में स्थित शिव तीर्थ केदारनाथ व श्री बदरीनाथ धामों के कपाट अब इस यात्राकाल के लिए बन्द होने को है और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इन धामों के दर्शन करने को उत्तराखंड में आ रहे है। जहां 21 अक्टूबर को पीएम नरेन्द्र मोदी केदानाथ बद्रीनाथ के दर्शन करेगें और आपदा के बाद यहां हो रहे निर्माण कार्यो का भी धरातलीय निरीक्षण करेगें पर अहम बात यह कि क्या इस दौरान पीएम मोदी श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष पर लग रहे भाई भतीजाबाद व भष्ट्राचार के मामलों की भी जांच करेगें।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सूरज नेगी ने कहा कि जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केदानाथपुरी व बदरीनाथपुरी को दिव्य स्वरूप देने की बात कर रहे है। वही बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय पूरी मनमानी कर विश्व स्तर की समिति बीकेटीसी की छवि धूमिल करने का कार्य कर रहे है जिससे जनता में भारी आक्रोश है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने बीकेटीसी के चल रहे भ्रष्टाचार पर पीए का ध्यान खीचा है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष की मनमानी के कारण करोड़ों आस्थवान लोगों की भावना से खिलवाड़ किया जा रहा है। कहा जनहित व आस्था को ध्यान में रख कर बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय को हटाकर पूरे मामलों की जांच की जानी चाहिए। जिससे देवभूमि की संकल्पना साकार हो सके है। कहा बड़ा सवाल यह कि इन धामों को संचालित करने वाली श्री बदरीनाथ केदानाथ मंदिर समिति कब भ्रष्टाचार से बाज आयेगी।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सूरज नेगी ने कहा स्थिति ज्यादा खराब होती देख इस विश्व प्रसिद्व समिति बीकेटीसी के सभी मामलों को लेकर सीएम धामी ने जांच की बात है। जिसमें वर्तमान बीकेटीसी के अध्यक्ष पर भी शामिल है। कहा जहां एक तरफ श्री बदरीनाथ श्री केदारनाथ धामों के कपाट शीतकाल के लिए बन्द करने की घोषणा हो चुकी है। तो अब बीकेटीसी के तमाम ऐसे मामले जो जांच के दायरे में प्रदेश को हिला के रख देगे। कहा कहा यहां प्रमोशन सहित तमाम अन्य कार्य यहां सरकार की गाइड लाइन के विपरित जैसे करने प्रतीत होते है। जो जांच का इन दिनों सबसे बड़ा विषय बना है। कहा यहां के अधिकारी कर्मचारी सरकार को अंधरे में रखकर कार्य कर रहे है। अगर मानो यहां बीकेटीसी के अध्यक्ष को नियुक्ति का अधिकार है तो नियुक्ति भी तो नियमानुसार होनी चाहिए । अगर समिति के कर्मचारियों को वेतनमान शासनादेश के अनुसार मिलते है तो प्रोन्नति भी तो नियमानुसार ही होनी चाहिए।
श्री नेगी ने कहा कि जिस प्रकार से धार्मिक स्थानों पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार में लूट -खसोट मची है सरकार के नुमाइंदे इन संस्थानों में सिर्फ अपने परिजनों को लाभ देने का काम करते हैं जो कि सरेआम जग जाहिर है और प्रमोशन भी ऐसे लोगों को दिए जाते हैं। जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार सहित कई अन्य मामले प्रकाश में आए हैं लेकिन सरकार चुपचाप बैक डोर से धार्मिक संस्थानों में भारी गड़बड़ी फैला रही है और देश के प्रधानमंत्री उन्हीं धार्मिक स्थलों में जाकर पूजा अर्चना कर देश की कुशलता के लिए कामना करने की बात करते हैं । वही धार्मिक संस्थानों में तैनात कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा अकूत संपत्ति इकट्ठी की गई है जो कि आय से अधिक संपत्ति के मामले दिखते हैं। आखिर इस प्रकार के भ्रष्टाचारियों को भाजपा किस श्रेणी में रखती है यह भी समझ से परे है । उन्होंने कहा कि अगर भाजपा को थोड़ी भी लोक लाज है तो राज्य में हो रहे तमाम भ्रष्टाचार पर सामने आए और उसमें सामिल अपने नेताओं पर भी कार्यवाही का हौसला दिखाएं।

