वन विकास निगम के 25 वर्ष पूरे: ‘Himkaashth’ डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च, उपलब्धियों का भव्य उत्सव

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देहरादून। उत्तराखंड वन विकास निगम के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री आवास पर राज्य जयंती समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया, जबकि वन मंत्री सुबोध उनियाल सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
समारोह में निगम की उपलब्धियों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया तथा “Himkaashth” नामक डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया गया। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से लकड़ी की ई-नीलामी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाया गया है। साथ ही “उपवनिज खनन वन भूमि हस्तांतरण मार्गदर्शिका” और “उत्तराखंड वन विकास निगम हस्तपुस्तिका” का विमोचन भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि निगम ने पिछले 25 वर्षों में सतत वन प्रबंधन के साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने डिजिटल तकनीकों के उपयोग और पारदर्शी नीलामी प्रणाली की सराहना करते हुए इसे एक आदर्श मॉडल बताया। साथ ही सरखानु क्षेत्र में मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन को बढ़ावा देने तथा कुमाऊं में निगम का कार्यालय स्थापित करने की घोषणा की।
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि निगम ने वन प्रबंधन, रोजगार सृजन और ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। भविष्य में कृषि वानिकी और इको-टूरिज्म को और बढ़ावा दिया जाएगा।
कार्यक्रम में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार निगम ने पिछले 25 वर्षों में लगातार प्रगति की है। लॉगिंग उत्पादन जहां शुरुआती वर्षों में 1–1.25 लाख घनमीटर था, वह अब बढ़कर लगभग 2.5 लाख घनमीटर प्रतिवर्ष हो गया है। खनन कार्य में भी वृद्धि हुई है, जो 2001 में 24.74 लाख घनमीटर से बढ़कर 2026 में लगभग 84 लाख घनमीटर पहुंच गई है।
राजस्व अर्जन में भी निगम ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। पिछले तीन वर्षों में लाभ क्रमशः 112 करोड़, 163 करोड़ और 167 करोड़ रुपये रहा है। वर्ष 2024-25 में लकड़ी से लगभग 627 करोड़ और खनन से 158 करोड़ रुपये का व्यवसाय किया गया।
समारोह में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के मेधावी बच्चों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

देवभूमि खबर

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