“हिंदुत्व के वैश्विक पुनर्जागरण” पर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का दून विश्वविद्यालय में आयोजन
देहरादून।दून विश्वविद्यालय में प्रज्ञा प्रवाह की उत्तराखंड इकाई, देहरादून द्वारा आयोजित “हिंदुत्व के वैश्विक पुनर्जागरण” पर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का दून विश्वविद्यालय में आयोजन किया गया l
कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर उत्तराखंड के राज्यपाल महामहिम श्री गुरमीत सिंह द्वारा अपने आवास पर स्मारिका का औपचारिक विमोचन किया गया l इस अवसर पर उन्होंने हिंदुत्व का वैश्विक पुनर्जागरण की वर्तमान संदर्भ में प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे और संगोष्ठी के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति को शुभकामनाएं दी l
संगोष्ठी में प्रोफेसर सदानंद दामोदर सप्रे ने अपने संबोधन में हिंदुत्व के वैश्विक पुनर्जागरण तथा विश्व के कई हिस्सों में अपने कार्य साथ ही विश्व मे बढ़ती भारतीय मूल्यों के प्रति सजगता और अनुभव पर चर्चा की तथा यह भी बताया कि भारतीय संस्कृति की गरमा और स्वर्णिम अनुभूति पूरे विश्व में दिखाई देती हैl
मुख्य अतिथि के कल्याण सिंह रावत ने मैत्री आंदोलन और उसकी पर्यावरण संरक्षण में प्रभावशाली भूमिका तथा विश्व में उससे इस परंपरा के सकारात्मक प्रभाव इस चिंतन की भारतीय संस्कृति से उत्पत्ति तथा स्तंभकार विकास सारस्वत ने अपने उद्बोधन में वर्तमान परिवेश में हिंदुत्व के पुनर्जागरण तथा उसके प्रभावों और प्राचीन समय से चले आ रहे हैंl मानकों की वर्तमान परिवेश में प्रासंगिकता पर अपने उद्बोधन में विचार रखें l आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ जोशी ने अपने उद्बोधन में भारतीय संस्कृति के तार्किक तत्वों को रखा आज तथा भारतीय संस्कृति में भारतीय चिकित्सा पद्धति में प्लास्टिक सर्जरी औरऔर उसके महत्व को तथा करोना काल में आयुर्वेद की भूमिका पर प्रकाश डाला l
अध्यक्षीय उद्बोधन में दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सुलेखा डंगवाल ने साहित्य में भारतीय चिंतन की गहराइयों को उल्लेखित किया और वर्तमान में उसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला l स्वागत उद्बोधन डॉक्टर अंजली वर्मा तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ रीना चंद्र द्वारा किया गया l कार्यक्रम में देश और विदेश के प्रतिभागी तथा प्रांत प्रचारक श्री भगवती प्रसाद राघव दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सुलेखा डंगवाल , प्रोफेसर एचसी पुरोहित डॉक्टर दीपक भट्ट डॉक्टर दीपक पांडे, डॉक्टर ओ पी कुलश्रेष्ठ , विशाल वर्मा , कुलदीप सिंह राणा , डॉक्टर एसके सिंह, विशाल वर्मा डॉक्टर अनुपमा डॉ अमिता, डॉक्टर विमलेश डिमरी तथा कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ रवि शरण दिक्षित जिन्होंने कार्यक्रम का संचालन भी किया साथ ही शेखर वर्मा, सहित अनेक विद्वानों के विषय पर अपने उद्बोधन दिएl प्रासंगिकता बढ़ती जा रही है संगोष्ठी के माध्यम से, जो निश्चित ही राष्ट्रीय हित को प्रोत्साहित करेगाl
इस अवसर पर एक स्मारिका का प्रकाशन होने जा रहा है और महत्वपूर्ण शोध पत्रों का भी प्रकाशन होगा l

