नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी देहरादून से गिरफ्तार, मोरी पुलिस ने पीड़िता को सकुशल किया बरामद

उत्तरकाशी। थाना मोरी क्षेत्र में नाबालिग के अपहरण एवं दुष्कर्म के मामले में मोरी पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए नाबालिग को देहरादून से सकुशल बरामद कर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(1) तथा पोक्सो अधिनियम की धारा 5(ठ) की बढ़ोत्तरी की है।
पुलिस के अनुसार बीती 3 सितम्बर 2026 को एक व्यक्ति ने थाना मोरी में अपनी नाबालिग पुत्री के बिना बताए कहीं चले जाने और वापस घर न लौटने के संबंध में लिखित तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर अज्ञात अभियुक्त के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत अपहरण का अभियोग पंजीकृत किया गया था।
मामला नाबालिग से जुड़ा और अत्यंत संवेदनशील होने के कारण पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी श्रीमती कमलेश उपाध्याय ने नाबालिग की शीघ्र बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। मामले के सफल अनावरण के लिए पुलिस एवं एसओजी की संयुक्त टीम गठित की गई।
पुलिस उपाधीक्षक बड़कोट श्री चंचल शर्मा के निकट पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष मोरी श्री दीपक रावत के नेतृत्व में पुलिस एवं एसओजी टीम ने मामले में गंभीरता से कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस सिस्टम और मैनुअल पुलिसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं।
पुलिस टीम के प्रयासों के बाद 10 सितम्बर 2026 को नाबालिग को नालापानी चौक, देहरादून से सकुशल बरामद किया गया। साथ ही उसके अपहरण एवं दुष्कर्म के आरोपी युवक को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने गवाहों एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(1) एवं पोक्सो अधिनियम की धारा 5(ठ) की बढ़ोत्तरी की है। गिरफ्तार आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है तथा मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान नीरज कुमार पुत्र विजय कुमार, निवासी पुरोला गांव, हाल निवासी आर्यनगर, देहरादून, उम्र 20 वर्ष के रूप में हुई है।
पुलिस टीम में महिला उपनिरीक्षक संतोष भट्ट, अपर उपनिरीक्षक भगत राम नौटियाल, कांस्टेबल अजय रमोला, कांस्टेबल महिदेव चौहान एवं एसओजी टीम शामिल रही।
