राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता में डोईवाला महाविद्यालय फिर बना प्रथम, उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मिला सम्मान

देहरादून। शहीद दुर्गामल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला में विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग, उत्तराखण्ड शासन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2025–26 के पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं, युवा सांसदों एवं नोडल अधिकारियों को प्रमाण-पत्र और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की आयोजक एवं उत्तराखण्ड युवा संसद की राज्य नोडल अधिकारी डॉ. राखी पंचोला रहीं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव, विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग उत्तराखण्ड शासन श्री सहदेव सिंह रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में अपर सचिव, संसदीय कार्य विभाग श्री अरविन्द कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपसचिव श्री पूरन गिरी, निदेशक उच्च शिक्षा के प्रतिनिधि डॉ. प्रमोद डोबरियाल, उपनिदेशक माध्यमिक श्री रमेश तोमर तथा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवेश भट्ट सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवेश भट्ट ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
सत्र 2025–26 में आयोजित तरुण सभा के परिणाम घोषित करते हुए अपर सचिव श्री अरविन्द कुमार ने बताया कि प्रतियोगिता में शहीद दुर्गामल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला ने पुनः प्रथम स्थान प्राप्त किया। रामचन्द्र उनियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, उत्तरकाशी को द्वितीय तथा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रुद्रपुर को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोपेश्वर चतुर्थ तथा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नई टिहरी पंचम स्थान पर रहा।
उन्होंने बताया कि इस सत्र में प्रदेश के सभी 13 जनपदों के 76 महाविद्यालयों में युवा संसद एवं तरुण सभा का आयोजन किया गया। किशोर सभा के परिणामों में जनपद हरिद्वार के पी.एम. श्री राजकीय महाविद्यालय, भौरी, रुड़की ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, डोभालवाला, देहरादून द्वितीय तथा राजकीय महाविद्यालय, मैठाना दशोली तृतीय स्थान पर रहा। राजकीय इंटर कॉलेज, दूनाकोट, पिथौरागढ़ को चतुर्थ तथा पी.एम. श्री राजकीय महाविद्यालय, बागेश्वर को पंचम स्थान प्राप्त हुआ।
प्राचार्य डॉ. देवेश भट्ट ने कहा कि युवा संसद केवल एक प्रतियोगिता या मंचन नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना जागृत करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं तथा नागरिक दायित्वों की जानकारी मिल सके।
राज्य नोडल अधिकारी डॉ. राखी पंचोला ने राज्य, जिला, महाविद्यालय एवं विद्यालय स्तर पर युवा संसद कार्यक्रम के आयोजन की प्रक्रिया से प्रतिभागियों को परिचित कराया। उन्होंने कहा कि युवा संसद के माध्यम से विद्यार्थियों में संसदीय कार्यप्रणाली की समझ विकसित होती है और उनमें नेतृत्व क्षमता तथा तार्किक अभिव्यक्ति का विकास होता है।
निदेशक उच्च शिक्षा के प्रतिनिधि डॉ. प्रमोद डोबरियाल ने कहा कि युवा संसद में अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ स्थानीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों को भी विशेष महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि आगामी कार्यक्रमों में स्थानीय समस्याओं एवं जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि विद्यार्थी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना और समस्याओं के समाधान के लिए सार्थक प्रयास करना सीख सकें।
मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव श्री सहदेव सिंह ने कहा कि भारत विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक राष्ट्र-शक्तियों में से एक है। उन्होंने कहा कि युवाओं को राज्य की प्रगति, उन्नति और विकास से जुड़े कार्यों की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित करते हुए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों एवं संबंधित अधिकारियों को सम्मानित किया गया। भारत सरकार की नियमावली के अनुरूप प्रदेश के 20 जनपदीय नोडल अधिकारियों तथा 52 सर्वश्रेष्ठ युवा सांसदों, प्रत्येक जनपद से दो प्रतिभागियों, को प्रमाण-पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में देहरादून की जिला नोडल अधिकारी डॉ. अंजली वर्मा, हरिद्वार के नोडल अधिकारी गजेन्द्र सिंह, ऊधम सिंह नगर के नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. अजीत सिंह सहित टिहरी, पौड़ी एवं अन्य जनपदों के नोडल अधिकारियों ने अपने छात्र-छात्राओं के साथ सहभागिता की। अनुभाग अधिकारी श्री अरविन्दर सिंह ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
समारोह के अंत में हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में प्रभारी, विधि प्रकोष्ठ डॉ. राजकुमारी भंडारी ने उपस्थित सभी लोगों को हिमालय के संरक्षण, संवर्धन एवं पर्यावरण सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की शपथ दिलाई। कार्यक्रम का संचालन उत्तराखण्ड युवा संसद की राज्य नोडल अधिकारी डॉ. राखी पंचोला ने किया।
समारोह में विभिन्न जनपदों से आए छात्र-छात्राओं, नोडल अधिकारियों, प्राध्यापकों एवं अतिथियों की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय कार्यप्रणाली, नेतृत्व क्षमता, तार्किक अभिव्यक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करना रहा। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक उपस्थित रहे।
