मानदेय न मिलने और सुविधाओं की अनदेखी पर आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ का सरकार को अल्टीमेटम

डोईवाला। उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की बैठक श्रीमती सुशीला खत्री (प्रदेश अध्यक्ष) की अध्यक्षता एवं ब्लॉक अध्यक्ष भागीरथी भट्ट के संचालन में संपन्न हुई। बैठक में जिला अध्यक्ष सुनीता राणा ने भी भाग लिया।
बैठक में आंगनबाड़ी संचालन से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा हुई। मुख्य रूप से मानदेय समय पर न मिलना, मानदेय वृद्धि न होना, भवन किराया, प्रोत्साहन राशि, गेहूं–चावल योजना का ढुलान बकाया, ऑनलाइन कार्य के लिए रिचार्ज धनराशि न मिलना जैसी समस्याएं उठाई गईं।
ब्लॉक उपाध्यक्ष पिंकी भट्ट ने कहा कि कई महीनों से मानदेय नियमित नहीं आ रहा और यह तक स्पष्ट नहीं है कि किस माह का मानदेय मिल रहा है। भवन किराया लंबे समय से नहीं आया है और प्रोत्साहन राशि को भी 1 वर्ष से अधिक समय हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि फेस कैप्चर प्रणाली में नेटवर्क और एंड्रॉयड फोन की कमी से दिक्कतें आ रही हैं।
सीमा देवी ने सुझाव दिया कि लाभार्थियों का फेस कैप्चर पंजीकरण के वक्त केवल एक बार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महालक्ष्मी किट, केला चिप्स, बाल प्लस अंडा और दूध जैसी सामग्री आंगनबाड़ी केंद्रों तक नहीं पहुंचती, जबकि भाड़ा कार्यकर्ताओं को अपनी जेब से देना पड़ता है। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के कार्य समय को निश्चित करने की मांग भी उठाई गई।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सुशीला खत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर कार्य का बोझ अधिक है और मानदेय बहुत कम है। वह भी समय पर नहीं मिलता, जिससे कार्यकत्रियां मानसिक तनाव और आर्थिक कठिनाई से गुजर रही हैं। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय यह समस्या और भी गंभीर है।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समाधान नहीं निकाला तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा। संगठन का प्रतिनिधिमंडल 29 सितंबर 2025 को निदेशालय में वार्ता हेतु जाएगा और यदि वार्ता निष्फल रही तो प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां आंदोलन करेंगी।
बैठक में मंजू कंबोज, सोमवाला, रितु, गीता बिष्ट, पूनम रानी, मनीषा, रेखा रावत, सिमरन पवार, कमलेश, लक्ष्मी, किरण, अनीता, संगीता उनियाल, राजेश्वरी, जसविंदर सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

