उत्तराखण्ड एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, 1.32 करोड़ की साइबर ठगी मामले में राजस्थान से आरोपी गिरफ्तार

उत्तराखण्ड एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, 1.32 करोड़ की साइबर ठगी मामले में राजस्थान से आरोपी गिरफ्तार
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देहरादून। उत्तराखण्ड एसटीएफ की साइबर क्राइम देहरादून टीम ने निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान के झुंझुनूं से एक शातिर साइबर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रिंकू पुत्र किशोरी लाल निवासी भोरकी, थाना गुदहा गोरजी, जिला झुंझुनूं, राजस्थान के रूप में हुई है।

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल निवासी एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच उसे “71 Wealth Enhancement” नामक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़कर प्रतिदिन 5 प्रतिशत से अधिक मुनाफे का लालच दिया गया। इसके बाद एक फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न बैंक खातों और यूपीआई के जरिए करीब 1 करोड़ 31 लाख 76 हजार रुपये जमा करवा लिए गए। बाद में ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

इस मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मु0अ0सं0 62/25 के तहत धारा 318(4), 61(2) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान एसटीएफ ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप डिटेल्स का विश्लेषण कर गिरोह के सदस्यों की पहचान की। विवेचना में महाराष्ट्र निवासी तीन आरोपी पहले ही पटियाला जेल में बंद मिले, जिन्हें वारंट बी पर देहरादून लाकर जेल भेजा गया। इसके अलावा एक अन्य आरोपी अरवाज सैफी को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया जा चुका है।

एसटीएफ की टीम ने आगे जांच करते हुए रिंकू को झुंझुनूं, राजस्थान से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। जांच में सामने आया कि पीड़ित से ठगे गए दो लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे, जिन्हें उसने सेल्फ चेक के माध्यम से निकाल लिया था।

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी के बैंक खाते के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में 16 शिकायतें दर्ज हैं। इनमें तेलंगाना, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्य शामिल हैं।

पुलिस ने कहा कि बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी और यूपीआई पिन किसी से साझा न करें तथा साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

एसटीएफ ने जनता से अपील की है कि किसी भी लालच भरे निवेश ऑफर, फर्जी वेबसाइट या व्हाट्सएप-टेलीग्राम आधारित स्कीमों से सावधान रहें।

गिरफ्तारी टीम में निरीक्षक अनिल कुमार, अपर उपनिरीक्षक गोपाल बिष्ट और अपर उपनिरीक्षक पवन यादव शामिल रहे।

देवभूमि खबर

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