गोलज्यू देवता पूरे हिन्दुस्तान के न्यायकारी देवता, आस्था आज भी अटूट : सुनीता जोशी

गोलज्यू देवता पूरे हिन्दुस्तान के न्यायकारी देवता, आस्था आज भी अटूट : सुनीता जोशी
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नैनीताल। उत्तराखंड के प्रसिद्ध न्यायकारी देवता गोलज्यू महाराज की रथ यात्रा चंपावत जनपद से शुरू होकर विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए हल्द्वानी पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत कर शोभायात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यात्रा के दौरान जगह-जगह भक्तों द्वारा पेय पदार्थ, फल एवं प्रसाद वितरित किए गए।

रिपोर्टर ललित जोशी से मोबाइल फोन पर बातचीत करते हुए शिक्षिका सुनीता जोशी ने कहा कि गोलज्यू देवता केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे हिन्दुस्तान में न्यायकारी देवता के रूप में पूजे जाते हैं। उन्होंने बताया कि जब व्यक्ति हर ओर से निराश हो जाता है, तब वह न्याय की आस लेकर गोलज्यू देवता के दरबार में पहुंचता है और अपनी विनती उनके समक्ष रखता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित गोलज्यू मंदिरों में श्रद्धालु बड़ी आस्था के साथ पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना करते हैं। पहले जो लोग मंदिर तक नहीं पहुंच पाते थे, वे पत्र लिखकर अपनी समस्या भेजते थे और मान्यता है कि गोलज्यू देवता उनकी पुकार सुनकर न्याय प्रदान करते थे।


सुनीता जोशी ने बताया कि चितई गोलू देवता मंदिर तथा घोड़ाखाल गोलू देवता मंदिर में आज भी हजारों की संख्या में विनती पत्र और घंटियां बंधी हुई हैं। श्रद्धालु मनोकामना पूर्ण होने पर मंदिरों में घंटियां और प्रसाद चढ़ाते हैं।

उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में भी लोगों की गोलज्यू देवता के प्रति आस्था अटूट बनी हुई है। उत्तराखंड को देवभूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां देवी-देवताओं का विशेष वास माना जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि गोलज्यू देवता की धूनी का टीका लगाने से लोगों को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

इस अवसर पर पारंपरिक शैली में गेरू मिट्टी और चावल से विस्वार बनाकर गोलज्यू देवता की वेदी को सजाया गया, जिसने श्रद्धालुओं का विशेष आकर्षण केंद्र बनाया।

देवभूमि खबर

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