पिथौरागढ़ में पलायन रोकथाम व सीमांत विकास योजनाओं पर मंथन, 17.52 करोड़ के प्रस्ताव तैयार
पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना (एमपीआरवाई) एवं मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम (एमबीडीपी) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिला स्तरीय समिति की बैठक जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई।
बैठक में विभिन्न विभागों एवं विकासखंडों से प्राप्त कुल 17 करोड़ 52 लाख रुपये के प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। इनमें एमपीआरवाई के तहत 1.02 करोड़ रुपये तथा एमबीडीपी के अंतर्गत 16 करोड़ 50 लाख रुपये के प्रस्ताव शामिल हैं, जिन्हें शीघ्र ही शासन को भेजा जाएगा।
जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों के सौंदर्यीकरण एवं खेल सुविधाओं को भी पलायन रोकथाम योजना में शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे दूरस्थ क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं मजबूत होंगी और पलायन की प्रवृत्ति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का चयन करते समय सीमांत, दूरस्थ एवं पलायन प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही ऐसे कार्यों को वरीयता देने को कहा, जिनसे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन हो और जीवन-यापन की स्थिति बेहतर हो सके।
बैठक में सड़क, पेयजल, विद्युत, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आजीविका से जुड़े प्रस्तावों के साथ-साथ पर्यटन, कृषि और उद्यानिकी आधारित योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने योजनाओं में गुणवत्ता, व्यवहारिकता और जनहित को सर्वोपरि रखने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास आशीष पुनेठा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

