सहकारिता में व्यावसायिक नवाचारों को किया जायेगा प्रोत्साहित: डॉ धन सिंह रावत
सहकारी बैंकों में 10 लाख नये खाते खोलने का लक्ष्य
कहा, अगस्त माह से शीर्ष सहकारी संस्थाओं की होगी निरंतर समीक्षा
देहरादून।सूबे में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से व्यावसायिक नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाएगा। सहकारी बैंकों में 10 लाख नए खाते खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, वहीं अधिकारियों को माइक्रो एटीएम के वितरण की गति बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। अगस्त माह से प्रदेश की शीर्ष सहकारी संस्थाओं की निरंतर समीक्षा की जाएगी, जिससे सहकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सहकारी संस्थाएं नए बिजनेस प्लान तैयार करें और व्यावसायिक नवाचारों को अपनाते हुए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें ताकि ये संस्थाएं अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनता के लिए लाभकारी बन सकें। डॉ रावत ने कहा कि वित्तीय सेवाओं की अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए माइक्रो एटीएम का वितरण तेजी से किया जाए और सहकारी बैंकों को 10 लाख नए खाते खोलने का लक्ष्य शीघ्र पूरा करना होगा।
बैठक के दौरान डॉ रावत ने पैक्स (PACS) कंप्यूटराइजेशन की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस कार्य में शीघ्रता लाएं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित सहकारी योजनाओं में उत्तराखंड की प्रगति अपेक्षा के अनुसार नहीं है, अतः सभी बाधाओं की पहचान कर उन्हें दूर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अगस्त माह से वे स्वयं राज्य की शीर्ष सहकारी संस्थाओं—शहर सहकारी संस्था, उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ, रेशम फेडरेशन, प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन, हॉर्टिकल्चर फेडरेशन, राज्य समेकित भंडारण निगम, लेबर फेडरेशन, उपभोक्ता संघ और आवास संस्थाओं की नियमित समीक्षा करेंगे।
बैठक में डॉ रावत ने हाल ही में देहरादून में आयोजित “सहकारिता मंथन” कार्यक्रम और गुजरात भ्रमण से प्राप्त अनुभवों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि गुजरात के सहकारी मॉडल से सीखे गए बिंदुओं और मंथन से निकले निष्कर्षों के आधार पर राज्य में सहकारिता क्षेत्र में नवाचार लागू किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन बिंदुओं को शामिल कर कार्ययोजना तैयार की जाए और इन प्रयासों को धरातल पर उतारने के लिए ठोस पहल की जाए।
इस समीक्षा बैठक में अपर निबंधक ईरा उप्रेती, आनंद शुक्ला, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, मंगला त्रिपाठी, उप निबंधक रमिंद्री मंदरवाल, सहायक निबंधक मुख्यालय राजेश चौहान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

