चारधाम यात्रा को मिलेगा स्वास्थ्य कवच, एनएमसी ने दी डॉक्टरों की तैनाती को हरी झंडी
देहरादून। चारधाम यात्रा जैसे विशाल और संवेदनशील आयोजन के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार के प्रयासों को राष्ट्रीय मान्यता मिल गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने स्वीकृति दे दी है, जिसमें पोस्टग्रेजुएट मेडिकल ट्रेनी डॉक्टरों की स्वैच्छिक तैनाती की अनुमति मांगी गई थी। इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का भी समर्थन प्राप्त हुआ है। एनएमसी की इस स्वीकृति के बाद अब देशभर के मेडिकल पीजी छात्र चारधाम यात्रा के दौरान सेवाएं दे सकेंगे और इसके बदले उन्हें डिस्ट्रिक्ट रेजिडेंसी प्रोग्राम (DRP) के तहत प्रमाणपत्र भी मिलेगा।
यह निर्णय न केवल तीर्थयात्रियों के लिए उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करेगा, बल्कि एमडी/एमएस/डीएनबी जैसे डॉक्टरों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और सेवाभाव का अनुभव भी प्रदान करेगा। एनएमसी ने यह स्पष्ट किया है कि यात्रा के दौरान दी गई सेवाएं डीआरपी और क्लीनिकल रोटेशन के रूप में मान्य होंगी और इसके लिए डॉक्टरों को तीन माह की अतिरिक्त ट्रेनिंग से छूट भी मिलेगी।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के दिशा-निर्देश में विभाग ने इस योजना को लागू करने की तैयारियां पूरी कर ली हैं। विभाग की ओर से डॉक्टरों को रहने, खाने, प्रशिक्षण, सेवा प्रमाणपत्र सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं कराई जाएंगी। वहीं, एनएमसी के सचिव डॉ. राघव लैंगर ने इस पहल को शिक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
चारधाम यात्रा मार्ग पर विशेष चिकित्सा इकाइयों को सशक्त किया जाएगा ताकि तीर्थयात्रियों को हर परिस्थिति में त्वरित और विशेषज्ञ सहायता उपलब्ध हो सके। यात्रा के दौरान मौसम की चुनौती, ऊंचाई संबंधी बीमारियों और आकस्मिक परिस्थितियों को देखते हुए डॉक्टरों की उपस्थिति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस निर्णय के बाद देशभर के मेडिकल कॉलेजों से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं और प्रशिक्षु डॉक्टर इसे सेवाभाव, अनुभव और करियर विकास का बेहतरीन अवसर मान रहे हैं। यह एक उत्कृष्ट उदाहरण है सहकारी संघीय शासन का, जहां राज्य और केंद्र सरकार मिलकर एक धार्मिक यात्रा को सुरक्षित, सुगम और संतुलित बनाने के लिए साझेदारी में काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए कहा, “चारधाम यात्रा न केवल श्रद्धा की यात्रा है, बल्कि हमारी सरकार का संकल्प है कि यह सुरक्षा, सुविधा और सुव्यवस्था की दृष्टि से भी एक मिसाल बने। एनएमसी की स्वीकृति हमें नई ऊर्जा देती है और यह दर्शाता है कि हम केंद्र के साथ मिलकर जनता के हित में निर्णायक कदम उठा रहे हैं।

