पिथौरागढ़। शाम 5 बजे वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमौड़ हिलजात्रा के अवसर पर सोर घाटी की जनता एवं श्रद्धालुओं को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने इस 500 वर्षों से चली आ रही ऐतिहासिक हिलजात्रा पर सभी को शुभकामनाएं दीं और इसके सफल संचालन हेतु कुमौड़ हिलजात्रा समिति को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आस्था और मनोरंजन का यह अद्वितीय संगम, पिछली पाँच शताब्दियों से सोर घाटी की ऐतिहासिक पहचान बना हुआ है।
सीएम धामी ने कहा कि गौरा–महेश की पूजा और सातू–आठू की परंपरा हमारी लोक संस्कृति का जीवन स्वरूप है। कुमौड़ के चार महर भाइयों की शौर्यगाथा से जुड़े मुखौटों से सुसज्जित यह परंपरा सुख-समृद्धि और खुशहाली का संदेश देती है। लाखिया बाबा, गलियां, बैल, किसान, हालिया, पुतरिया आदि स्वरूप हमारी संस्कृति से गहराई से जुड़े हैं।
उन्होंने कहा कि हिलजात्रा पर्व की शुरुआत महर भाइयों की वीरता से हुई थी, लेकिन समय के साथ इसे कृषि पर्व के रूप में भी मनाया जाने लगा। तेजी से बदलते समय में जब लोग अपनी संस्कृति से दूर हो रहे हैं, वहीं सोर घाटी की जनता का अपनी परंपराओं से जुड़ाव अनूठा उदाहरण है।
सीएम ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विरासत पर गर्व” संकल्प से जोड़ा और कहा कि यह पर्व हमारी धरोहर को भावी पीढ़ियों तक पहुँचाने का संकल्प मजबूत करता है। उन्होंने सभी कलाकारों और आयोजकों को शुभकामनाएं दीं और गौरा–महेश का आशीर्वाद सब पर बना रहे, यह कामना की।
इस अवसर पर जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और इस 500 वर्ष पुरानी विरासत पर जनता को बधाई दी। उन्होंने आने वाली पीढ़ियों से इसे संरक्षित रखने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में दर्जा राज्यमंत्री गणेश भंडारी, जिला पंचायत अध्यक्ष जितेन्द्र प्रसाद, भाजपा जिला अध्यक्ष गिरीश जोशी, नगर निगम पिथौरागढ़ महापौर कल्पना देवलाल सहित बड़ी संख्या में सोर घाटी की जनता ने लाखिया बाबा एवं हिलजात्रा के इस ऐतिहासिक अवसर पर सहभागिता की।

