मुख्यमंत्री ने ‘राजस्व लोक अदालत’ का शुभारंभ किया, 13 जनपदों में एक साथ सुनवाई

मुख्यमंत्री ने ‘राजस्व लोक अदालत’ का शुभारंभ किया, 13 जनपदों में एक साथ सुनवाई
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देहरादून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में ‘राजस्व लोक अदालत’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आमजन को सरल, सुलभ और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘न्याय आपके द्वार’ की अवधारणा के तहत प्रदेश के सभी 13 जनपदों में 210 स्थानों पर एक साथ राजस्व लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से लगभग 6,933 मामलों के त्वरित निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 400 से अधिक राजस्व न्यायालय संचालित हैं, जिनमें 50 हजार से अधिक प्रकरण लंबित हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए ‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण एवं संतुष्टि’ के मूल मंत्र के साथ यह पहल शुरू की गई है।

उन्होंने कहा कि राजस्व विवाद केवल कागजी प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों की भूमि, परिवारों की आजीविका और व्यक्तियों के सम्मान से जुड़े होते हैं। इस लोक अदालत में भूमि विवादों के साथ-साथ आबकारी, खाद्य, स्टाम्प, सरफेसी एक्ट, गुंडा एक्ट, सीआरपीसी, विद्युत अधिनियम, वरिष्ठ नागरिक अधिनियम और रेंट कंट्रोल एक्ट से संबंधित मामलों का भी निस्तारण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली को ऑनलाइन करने के लिए ‘Revenue Court Case Management System’ पोर्टल विकसित किया गया है, जिससे नागरिक घर बैठे अपने प्रकरण दर्ज कर सकते हैं।
एक माह में बैकलॉग निस्तारण के निर्देश
बैठक में मुख्य सचिव Anand Bardhan ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार लंबित मामलों का निस्तारण युद्ध स्तर पर किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि एक माह के भीतर प्राथमिकता के आधार पर राजस्व वादों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में राजस्व सचिव रंजना राजगुरु सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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