उत्तराखंड पंचायत चुनाव में धांधली व गुंडागर्दी के खिलाफ कांग्रेस का राज्यपाल को ज्ञापन

उत्तराखंड पंचायत चुनाव में धांधली व गुंडागर्दी के खिलाफ कांग्रेस का राज्यपाल को ज्ञापन
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देहरादून। जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल ने महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर हाल ही में सम्पन्न हुए त्रि-स्तरीय पंचायत चुनावों में राज्य निर्वाचन आयोग के असंवैधानिक आचरण और सत्ताधारी दल भाजपा की गुंडागर्दी की शिकायत दर्ज कराई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद जानबूझकर समय पर चुनाव नहीं कराए और सात माह की देरी कर भाजपा कार्यकर्ताओं को निकाय चुनावों के बाद पंचायत चुनावों में भी हिस्सा लेने का अवसर दिया। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि आरक्षण का चक्रीय क्रम तोड़कर निर्वाचन आयोग ने मनमाने तरीके से सीटों का आरक्षण किया, जो पंचायतीराज एक्ट के विरुद्ध था।

ज्ञापन में कहा गया कि कांग्रेस सहित कई दलों द्वारा विरोध और मुख्य निर्वाचन आयुक्त से निष्पक्ष चुनाव कराने का आग्रह करने के बावजूद आयोग ने सत्ताधारी दल के दबाव में आरक्षण लागू किया। यहां तक कि जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख पदों पर भी अनुचित आरक्षण थोपे गए। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि दो जगह मतदाता सूची में नाम दर्ज होने वाले प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने की अनुमति दी गई, जबकि नियम इसकी अनुमति नहीं देते। टिहरी में प्रत्याशी सीता देवी का नामांकन आयोग ने असंवैधानिक रूप से खारिज किया, जिसे बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने वैध ठहराया।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि रुद्रप्रयाग में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान वोट देने वाली कलम को बदल दिया गया जिससे परिणाम प्रभावित हुआ। टिहरी और नैनीताल में सत्ता के बल पर विपक्षी प्रत्याशियों को डराया गया। द्वाराहाट में महिलाओं के परिजनों का अपहरण कर दबाव बनाया गया और शिकायत करने पर उन्हीं महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया। कांग्रेस ने कहा कि पुलिस ने जीरो एफआईआर तक दर्ज करने से इनकार कर दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

इतिहास में पहली बार पंचायत चुनावों में बाहुबल का इस्तेमाल और गोली चलने जैसी घटनाएं सामने आईं। बेतालघाट में ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान गोलीकांड हुआ जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। नैनीताल में निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों का खुलेआम अपहरण किया गया और कांग्रेस नेताओं, विधायक सुमित हृदयेश एवं पूर्व विधायक संजीव आर्य के साथ मारपीट तक की गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने न्यायालय तक को गुमराह किया। यहां तक कि जिलाधिकारी नैनीताल ने अदालत को कहा कि पुनर्मतदान की सिफारिश करेंगे, लेकिन उसी रात दो बजे मतगणना करवा दी गई।

कांग्रेस ने ज्ञापन में यह भी बताया कि 11 जुलाई 2025 को नैनीताल उच्च न्यायालय ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणी की थी, लेकिन आयोग ने चुनाव अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश तक नहीं दिए। कांग्रेस ने महामहिम राज्यपाल से प्रदेश हित में हस्तक्षेप करने और राज्य निर्वाचन आयोग व सरकार को निष्पक्ष जांच और कार्रवाई के लिए निर्देशित करने की मांग की है।

ज्ञापन देने वालों में जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल के अध्यक्ष राकेश राणा, प्रदेश कांग्रेस सचिव सैयद मुसर्रफ अली, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशा रावत और जिला उपाध्यक्ष सगुप्ता प्रवीन सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे।

देवभूमि खबर

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