हेलमेट नियमों पर दोहरा मापदंड बर्दाश्त नहीं : जन संघर्ष मोर्चा
विकासनगर।जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएनवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने प्रदेश में हेलमेट नियमों को लेकर पुलिस और परिवहन विभाग पर दोहरा मापदंड अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पिलियन राइडर (दो पहिया वाहन पर पीछे बैठी सवारी) के बिना हेलमेट चालान तो हो रहे हैं, लेकिन धार्मिक यात्राओं और राजनीतिक रैलियों में बिना हेलमेट सवार लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
नेगी ने सवाल उठाया कि क्या रैलियों और धार्मिक यात्राओं में शामिल लोगों के सिर वज्र के बने हैं, जो उन्हें हेलमेट पहनने की आवश्यकता नहीं? उन्होंने कहा कि पुलिस व परिवहन विभाग द्वारा सीसीटीवी कैमरों से आम नागरिकों को पकड़कर चालान किया जा रहा है, लेकिन इन्हीं नियमों को धार्मिक या राजनीतिक आयोजनों में नजरअंदाज कर दिया जाता है।
मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि हेलमेट पहनने का उद्देश्य सिर्फ चालान से बचना नहीं बल्कि लोगों की जान की सुरक्षा है। उन्होंने पूछा कि यदि आम जनता पर चालान किए जा सकते हैं तो फिर नेता, अधिकारी, पुलिसकर्मी, आर्मी पर्सन या धार्मिक यात्री इससे कैसे मुक्त हो सकते हैं?
नेगी ने कहा कि जनता में असंतोष तब पैदा होता है जब एक ओर बगैर हेलमेट पीछे बैठी सवारी का चालान होता है, वहीं दूसरी ओर धार्मिक आयोजनों या जुलूसों में नियमों की धज्जियां उड़ाई जाती हैं। इस दोहरे मापदंड से आमजन, जो पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, मानसिक रूप से परेशान होता है।
मोर्चा ने पुलिस और परिवहन विभाग से अपील की है कि नियमों को समान रूप से लागू करें या फिर स्पष्ट करें कि किन्हें छूट है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द इस विषय पर संवेदनशील निर्णय नहीं लिया गया तो मोर्चा आंदोलन करेगा और इस मुद्दे को शासन स्तर पर भी उठाया जाएगा।
पत्रकार वार्ता में इस अवसर पर मोर्चा के दिलबाग सिंह और अमित जैन भी मौजूद रहे।

