वर्तमान दौर में ऑनलाइन शिक्षण का प्रभावी प्रयोग समय की मांग: प्रोफेसर श्रीनिवास

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देहरादून।दून विश्वविद्यालय, देहरादून द्वारा आयोजित फ्राइडे लेक्चर सीरीज की कड़ी में आज नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन प्लानिंग एडं एडमिनिस्ट्रेशन भारत सरकार के आईसीटी तथा प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर के0 श्रीनिवास ने शिक्षण प्रशिक्षण के ऑनलाइन विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की डॉक्टर श्रीनिवास ने कहा कि वर्तमान कोविड-19 की चुनौतीपूर्ण वातावरण में यह एक प्रभावी विकल्प है आज देश के कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन शिक्षण प्रयोग बेहतर एवं प्रभावी ढंग से संचालित हो रही है और आने वाले समय में यह प्रयोग बृहद पैमाने पर अपनाए जाएंगे उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षण कभी भी व्याख्यान कक्ष में किए गए शिक्षण के समतुल्य नहीं हो सकता है परंतु आज आवश्यकता है कि हम ऑनलाइन शिक्षण प्रविधि को उतना ही प्रभावी बनवाएं जितना कि ऑफलाइन शिक्षण होता है और इसके लिए पाठ्यक्रमों की पुर्न संरचना के साथ-साथ अध्यापन की वैकल्पिक विधियों पर भी विचार करना होगा।

डॉक्टर श्रीनिवास ने देश के विभिन्न शिक्षण संस्थाओं द्वारा विकसित एवं संचालित किए जा रहे ऑनलाइन पाठ्यक्रम एवं शिक्षण विधियों का विस्तार से उल्लेख किया । कार्यक्रम के प्रारंभ में दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सुरेखा डंगवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के दृष्टिगत शीघ्र ही एक कार्यशाला आयोजित करेगा जिससे इस प्रकार के पाठ्यक्रमों को तैयार करने में सहायता प्राप्त होगी । कुलपति ने कहा कि हमारी कोशिश है महामारी के दौर में शिक्षण एवं शोध प्रभावित ना हो इस दृष्टि से ऑनलाइन शिक्षण प्रविधियां की जानकारी प्रत्येक शिक्षक को होनी आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर एच सी पुरोहित ने किया।

इस अवसर पर कुलसचिव डॉक्टर मंगल सिंह मंद्रवाल प्रोफेसर कुसुम अरुणाचलम प्रोफेसर हर्ष डोभाल उप कुलसचिव श्री नरेंद्र लाल सलाहकार रूसा प्रोफेसर के ड़ी पुरोहित डॉ अरुण कुमार सहित शिक्षक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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