संस्था के विकास के लिए प्रत्येक कर्मी महत्वपूर्णः प्रो0 जोशी
देहरादून।दून विश्वविद्यालय आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित कार्यसंस्कृति: अभिप्रेरणा, प्रोत्साहन एवं समर्पण विषय पर आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए एनटीपीसी के पूर्व चेयर प्रोफेसर प्रो0 अविनाश चन्द्र जोशी ने विश्वविद्यालय के शिक्षणेतर कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि संस्थान के विकास के लिए प्रत्येक कर्मी का योगदान महत्वपूर्ण होता है, इसलिए हमें अपने कार्य को कभी भी कम या अधिक महत्वपूर्ण नहीं समझना चाहिए।
विश्वविद्यालय एक आदर्श संस्थान के रूप में विकसित हो और यह देश और दुनिया के अग्रणी संस्थानों में गिना जाये यह हम सबका लक्ष्य होना चाहिए। इसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमें अपने दायित्वों और कर्तव्यों का बिना किसी दबाव के प्रफुल्लित मनःस्थिति के साथ निर्वहन करना चाहिए।
कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक एवं स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी के डीन डाॅ0 नरेन्द्र कुमार रावल ने कहा कि किसी भी संस्थान की कार्यसंस्कृति वहाँ कार्यरत कर्मियों के समर्पण पर निर्भर करती है। आज हमारा विश्वविद्यालय यदि समय पर प्रवेश परीक्षा, मूल्यांकन एवं परिणाम घोषित कर पा रहा है तो यह विश्वविद्यालय के कर्मियों के समर्पण से ही संभव है।
कार्यशाला में आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ के समन्वयक एवं स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के डीन प्रो0 एच0सी0 पुरोहित ने कहा कि हमें कार्यस्थल पर प्रोफेशनल के तौर पर ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए और इसके लिए आवश्यक है कि हम समय पर कार्यालय में पहुँचकर अपने कार्य का निष्पादन समर्पण भाव से करें। विद्यार्थियों को किसी प्रकार की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े, इस मंत्र को हमें ध्यान में रखना चाहिए।
इस अवसर पर डाॅ अम्बेडकर चेयर प्रोफेसर प्रो0 हर्ष डोभाल, प्रो0 रीना सिंह, डाॅ0 मधुरेन्द्र झा, डाॅ मानवेन्द्र बर्तवाल, श्री प्रशांत मेहता, शिल्पी तिवाड़ी, डी0सी0 पुरोहित, संदीप रावत, मदन मोहन उपाध्याय, मनोज, मनमोहन, कविता आदि उपस्थित थे।

