टिहरी पुलिस की नई पहल ‘टीम गौरा’ का गठन, महिला एवं बाल सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती

टिहरी पुलिस की नई पहल ‘टीम गौरा’ का गठन, महिला एवं बाल सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती
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टिहरी । महिला सुरक्षा एवं बाल संरक्षण को अधिक प्रभावी और संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्रीमती श्वेता चौबे ने जनपद स्तर पर ‘टीम गौरा’ का गठन किया है। इस विशेष टीम का उद्देश्य महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित, संवेदनशील और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करना, महिलाओं एवं बच्चों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना तथा उन्हें आवश्यक सहायता एवं संरक्षण उपलब्ध कराना है।

इसी क्रम में बुधवार को पुलिस लाइन चंबा में जनपद के सभी थानों से चयनित महिला उपनिरीक्षकों, महिला मुख्य आरक्षियों एवं महिला आरक्षियों के लिए एक दिवसीय ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (ToT)’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान आत्मरक्षा विशेषज्ञ कल्याण सिंह एवं मुकेश नैनवाल ने महिला पुलिस कर्मियों को आधुनिक आत्मरक्षा तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसमें विषम परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा, पीड़ित महिलाओं की सहायता तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के गुर सिखाए गए।

प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में सहायक लोक अभियोजक अधिकारी परवाज़ अख्तर ने महिला एवं बाल अपराधों से संबंधित कानूनी प्रावधानों, महिलाओं के अधिकारों, प्रभावी विवेचना, अभियोजन प्रक्रिया, घरेलू हिंसा, लैंगिक अपराधों तथा पुलिस की वैधानिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से जानकारी दी।

किशोर न्याय बोर्ड की सदस्या अमिता रावत ने बाल अधिकारों, किशोर न्याय अधिनियम, बाल संरक्षण, बाल अपराधों की रोकथाम और बाल पीड़ितों से जुड़े मामलों में पुलिस की संवेदनशील भूमिका पर प्रशिक्षण दिया। वहीं जिला चिकित्सालय टिहरी की मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाता मालती रावत ने पुलिस कर्मियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और भावनात्मक संतुलन के महत्व से अवगत कराया।

इस अवसर पर एसएसपी श्वेता चौबे ने कहा कि ‘टीम गौरा केवल एक विशेष पुलिस इकाई नहीं, बल्कि जनपद की महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षा, विश्वास और संवेदनशील पुलिसिंग का मजबूत माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि महिला बीट व्यवस्था को और अधिक सक्रिय किया जाएगा तथा विद्यालयों, महाविद्यालयों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में महिला पुलिस की नियमित गश्त एवं प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण प्राप्त महिला अधिकारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में विद्यालयों, महाविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, कार्यस्थलों और ग्राम स्तर तक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएंगी। साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देकर उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित की जाएगी।

एसएसपी ने कहा कि जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से पॉक्सो अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न (POSH) अधिनियम, SHe-Box, साइबर सुरक्षा, गौरा शक्ति ऐप, महिला एवं बाल हेल्पलाइन सहित विभिन्न सुरक्षा उपायों की जानकारी भी आमजन तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से महिला पुलिस कर्मियों की कार्यकुशलता और पेशेवर दक्षता में वृद्धि होगी तथा जनपद में महिला एवं बाल सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बन सकेगी।

देवभूमि खबर

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