समाधान दिवस में 87 शिकायतों पर सुनवाई, भूमि विवाद और अवैध कब्जों के मामलों पर प्रशासन सख्त

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देहरादून। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में सोमवार को आयोजित समाधान दिवस में 87 जनसमस्याएं दर्ज की गईं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण करने के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में भूमि विवाद, सरकारी भूमि पर कब्जे, जमीन की धोखाधड़ी और अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं। मारूति विहार (राझांवाला) में खसरा संख्या 442 की सरकारी भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा कब्जे की शिकायत पर एसडीएम सदर को तत्काल कार्रवाई कर कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए।

रानीपोखरी क्षेत्र में एक सैनिक ने अपनी खरीदी गई भूमि पर दूसरे व्यक्ति द्वारा मकान बनाए जाने की शिकायत की। सैनिक ने प्रॉपर्टी डीलर पर जमीन खरीद में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया। रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज होने के बावजूद सामने आए मामले में तहसीलदार और एसएचओ ऋषिकेश को जांच कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

राजपुर रोड निवासी मधु गुप्ता की ईस्ट होप टाउन स्थित निजी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत पर एसडीएम और सीओ पुलिस को संयुक्त रूप से कार्रवाई के निर्देश दिए गए। नेहरूग्राम में पशु चिकित्सालय मार्ग पर मैकेनिक द्वारा किए गए अतिक्रमण की शिकायत पर भी एसडीएम सदर को जांच सौंपी गई।

बिन्हार क्षेत्र में भूसर्वेक्षण और बंदोबस्त की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ द्वारा माटोगी, मदर्सू, भलेर, पष्टा, पपडियान और बावनधार की ग्राम पंचायतों का मामला उठाया गया। इस पर एसडीएम विकासनगर को स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं गढ़बुरांसखंडा ग्राम पंचायत में बुरांसखण्डा-गढ़ मोटर मार्ग के सर्वेक्षण की सीमा को लेकर विवाद के निस्तारण के निर्देश भी दिए गए।
बारिश से प्रभावित क्षेत्रों की समस्याएं भी समाधान दिवस में पहुंचीं। कंडोगल में नाले से खेतों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार तथा लाडपुर में क्षतिग्रस्त पुश्ते के मामले में संबंधित विभागों को जांच और आवश्यक निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए गए।

रीठा मंडी मुस्लिम कॉलोनी निवासी सबनम ने न्यायालय के आदेश के बावजूद पति द्वारा भरण-पोषण की धनराशि नहीं देने और केस वापस लेने के लिए धमकाने की शिकायत की। मामले में सीओ पटेलनगर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

आर्थिक सहायता से जुड़े मामलों में साक्षी रावत ने कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते उच्च शिक्षा के लिए सहायता की मांग की, जबकि अनुशका ने अपनी बेटी की पढ़ाई जारी रखने के लिए नंदा-सुनंदा योजना के तहत फीस सहायता की मांग रखी।

अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को केवल औपचारिक सुनवाई तक सीमित न रखा जाए। प्रत्येक प्रकरण का स्थलीय परीक्षण कर नियमानुसार प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि फरियादियों को वास्तविक राहत और समय पर न्याय मिल सके।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई दीक्षांत गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, मुख्य कृषि अधिकारी देवेन्द्र राणा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

देवभूमि खबर

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