एरीज में हिंदी पखवाड़े का समापन, राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. तिवारी सम्मानित

एरीज में हिंदी पखवाड़े का समापन, राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. तिवारी सम्मानित
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रिपोर्ट: ललित जोशी

नैनीताल। सरोवर नगरी से करीब छह किलोमीटर दूर स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) में हिंदी पखवाड़ा-2026 का समापन समारोह एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के राजभाषा गौरव पुरस्कार से सम्मानित प्रो. गिरीश रंजन तिवारी रहे। इस अवसर पर राजभाषा के क्षेत्र में योगदान के लिए डॉ. तिवारी को भी सम्मानित किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. तिवारी ने वैज्ञानिक विषयों को हिंदी के माध्यम से आमजन तक पहुंचाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने हिंदी भाषा के वैज्ञानिक आधार की विस्तार से चर्चा करते हुए वैज्ञानिक जागरूकता को हिंदी में बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने प्रतिभागियों को हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि हिंदी के अनेक शब्द अंग्रेजी भाषा में भी प्रचलित हो रहे हैं और अंग्रेजी शब्दकोशों में स्थान बना रहे हैं

एरीज के निदेशक डॉ. मनीष नजा ने सरकारी कार्यालयों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजभाषा हिंदी का प्रभावी प्रयोग कार्यालयी कार्यों के साथ-साथ वैज्ञानिक एवं तकनीकी विषयों को आम लोगों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान हिंदी पखवाड़े के समन्वयक मोहित जोशी ने पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित विभिन्न गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। इनमें निबंध लेखन, अनुवाद, नारा लेखन, आशुभाषण और वर्ग पहेली सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। मुख्य अतिथि प्रो. गिरीश रंजन तिवारी एवं एरीज निदेशक डॉ. मनीष नजा ने प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान किए।

इस अवसर पर बताया गया कि एरीज को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) से जुड़े करीब 50 सरकारी कार्यालयों में राजभाषा संबंधी गतिविधियों के लिए प्रथम स्थान प्राप्त है। समारोह में संस्थान के अधिकारी, वैज्ञानिक, कर्मचारी एवं अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे।

देवभूमि खबर

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