पावन हनोल केवल पर्यटन स्थल नहीं, हमारी आस्था और संस्कृति का प्रतीक: डीएम

पावन हनोल केवल पर्यटन स्थल नहीं, हमारी आस्था और संस्कृति का प्रतीक: डीएम
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देहरादून।जौनसार बावर क्षेत्र में स्थित महासू देवता धाम को सुनियोजित तरीके से विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री के सुझावों को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने हनोल मंदिर के मास्टर प्लान में आवश्यक बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि पावन हनोल केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि हमारी आस्था और संस्कृति का प्रतीक है, इसलिए इसके विकास में स्थानीय लोगों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि हनोल क्षेत्र में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या को ध्यान में रखते हुए वाटर सोर्स, सीवर, घाट निर्माण, सड़क सुविधाएं और हेलीपैड जैसी बुनियादी सुविधाओं का समुचित विकास किया जाए। इसके लिए आईएनआई डिजाइन कंपनी के माध्यम से टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान तैयार किया जा रहा है। डीएम ने कहा कि इसी माह मंदिर परिसर में तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय रोजगार के अवसरों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। महासू देवता धाम में बनने वाली दुकानों में से 50 प्रतिशत महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए आरक्षित की जाएंगी, जिससे वे अपने उत्पादों को उचित बाजार में बेच सकें। इसके अलावा, हनोल क्षेत्र के गांवों को होम स्टे विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा और अधिक से अधिक स्थानीय लोगों को इससे जोड़ने के लिए विशेष पंजीकरण कैंप आयोजित किए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अधिक अवसर प्राप्त होंगे।

महासू देवता धाम के विकास कार्यों में एराइवल प्लाजा, तीर्थ पुरोहित आवास, मंदिर सौंदर्यीकरण, पार्किंग, धर्मशाला, पब्लिक यूटिलिटी कॉम्प्लेक्स, रेन शेल्टर और आस्था पथ निर्माण जैसी सुविधाओं को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, जिलाधिकारी ने केदारकांठा एडवेंचर ट्रैक पर साइन बोर्ड, नेचर वॉक और रूट सुधार के भी निर्देश दिए हैं। हनोल तक जाने वाले सभी सहायक सड़कों का चौड़ीकरण और विस्तारीकरण किया जाएगा, जिससे यात्रियों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

बैठक में जिलाधिकारी ने आईएनआई डिजाइन कंसलटेंट और संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि हनोल को एक सुनियोजित धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय लोगों के आर्थिक साधन बढ़ेंगे।

देवभूमि खबर

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