चुनावी सुधारों को लेकर जन संघर्ष मोर्चा की पहल, निर्वाचन आयोग को सौंपा ज्ञापन
देहरादून। जन संघर्ष मोर्चा ने लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने और चुनावी प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर निर्वाचन आयोग से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएनवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड वीबीआरसी पुरुषोत्तम से मुलाकात कर मुख्य चुनाव आयुक्त को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में चुनावों में बढ़ते पूंजीपतियों के प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया है कि धनबल के बढ़ते हस्तक्षेप से आम और गरीब वर्ग चुनावी प्रक्रिया से दूर होता जा रहा है, जिससे लोकतांत्रिक संतुलन प्रभावित हो रहा है।।
मोर्चा ने मांग की है कि मतदान के दौरान पोलिंग स्टेशनों के बाहर लगाए जाने वाले स्टॉल (बस्ते) की व्यवस्था समाप्त की जाए। इसके साथ ही मतदान की आयु 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष करने का सुझाव भी दिया गया है, यह तर्क देते हुए कि कम उम्र के मतदाताओं को चुनाव के दौरान प्रभावित किए जाने की आशंका रहती है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि चुनाव के दौरान प्रत्याशी युवाओं का इस्तेमाल कर उन्हें नशे की ओर धकेलते हैं, जो सामाजिक दृष्टि से चिंताजनक है। साथ ही स्कूटर और मोटरसाइकिल रैलियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी की गई है, ताकि चुनावी माहौल को नियंत्रित और संतुलित रखा जा सके।
रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि यदि समय रहते चुनावी प्रक्रिया में गुणात्मक सुधार नहीं किए गए, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने चुनाव में पारदर्शिता, समान अवसर और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।

