₹68 लाख की साइबर ठगी में STF की बड़ी कार्रवाई, पश्चिम बंगाल से अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार

₹68 लाख की साइबर ठगी में STF की बड़ी कार्रवाई, पश्चिम बंगाल से अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
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देहरादून। शेयर मार्केट और IPO में निवेश के नाम पर अधिक मुनाफे का लालच देकर करीब ₹68 लाख की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के दो सदस्यों को उत्तराखंड एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस ने पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राकेश कुमार रजक (40) निवासी वेस्ट बरानगर, कोलकाता और सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई (32) निवासी गार्डन रीच, कोलकाता के रूप में हुई है। दोनों को स्थानीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लेकर देहरादून लाया गया।

एसटीएफ के अनुसार साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में दर्ज मुकदमे की विवेचना में सामने आया कि आरोपियों ने स्वयं को अमेरिका और भारत में शेयर मार्केट से जुड़ा बताकर शिकायतकर्ता को शेयर मार्केट/IPO में निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा दिया। इसके बाद 16 अक्टूबर से 18 नवंबर 2025 के बीच विभिन्न बैंक खातों में ₹47,63,537 जमा कराए गए।
इसी तरह पटेलनगर थाने से एसटीएफ को हस्तांतरित एक अन्य मुकदमे में भी अक्टूबर 2025 के दौरान शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ₹18,54,900 की रकम विभिन्न बैंक खातों में जमा कराई गई। दोनों मामलों में शिकायतकर्ताओं से कुल ₹66,18,437 की रकम जमा कराई गई थी।

जांच के दौरान बैंकिंग और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में बैंक ऑफ बड़ौदा के RAJAK & COMPANY नाम से संचालित खाते का पता चला, जिसका संबंध आरोपी राकेश कुमार रजक से पाया गया। जांच में सामने आया कि साइबर ठगी की रकम इस खाते में प्राप्त होने के बाद RTGS आदि माध्यमों से दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।

दोनों मुकदमों में इस खाते में क्रमशः ₹15 लाख और ₹12.20 लाख, यानी कुल ₹27.20 लाख ट्रांसफर किए जाने की पुष्टि हुई। इस बैंक खाते के संबंध में NCRP पोर्टल पर 19 से अधिक साइबर शिकायतें भी दर्ज मिलीं।

पुलिस ने आरोपी राकेश कुमार रजक के कब्जे से बरामद मोबाइल फोन की जांच की तो सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई के साथ हुई WhatsApp चैट सामने आई। चैट के विश्लेषण से बैंक खाते की नेट बैंकिंग उपलब्ध कराने और इसके बदले कमीशन प्राप्त करने से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले। पुलिस के अनुसार सैयद शादाब खातों की खरीद-फरोख्त में मुख्य आरोपी की भूमिका में था।

एसटीएफ के मुताबिक प्रकरण में शिकायतकर्ता की ₹12 लाख की होल्ड धनराशि की रिकवरी के लिए न्यायालय का आदेश संबंधित बैंक को भेजा जा चुका है। गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और ठगी की रकम की बरामदगी को लेकर विवेचना जारी है।
गिरफ्तार आरोपी: राकेश कुमार रजक और सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई।

एसटीएफ टीम में निरीक्षक राजेश सिंह (विवेचक), उपनिरीक्षक हिम्मत सिंह और कांस्टेबल सोहन बडोनी शामिल रहे।

एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि शेयर बाजार, IPO अथवा ऑनलाइन निवेश में अधिक मुनाफे का लालच देने वाले अज्ञात लोगों के झांसे में न आएं। किसी अनजान व्यक्ति के लिंक, मोबाइल नंबर या बैंक खाते में धनराशि ट्रांसफर करने से पहले सत्यता की जांच करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

देवभूमि खबर

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