धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: पशुपालकों को अनुदान, श्रमिकों को नए अधिकार, हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार को मंजूरी

देहरादून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में जनकल्याण, रोजगार, शिक्षा, श्रमिक हित, न्यायिक आधारभूत संरचना, पर्यटन, पेयजल और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने प्रेस वार्ता में दी।
कैबिनेट ने राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना का विस्तार करते हुए सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी योजना के दायरे में शामिल करने का निर्णय लिया। अब लाभार्थी गाय के साथ भैंस खरीदने का विकल्प भी चुन सकेंगे। पशु की यूनिट लागत 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग को 90 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। इससे पहले वर्ष में लगभग 2,128 पशुपालकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
श्रमिकों के हित में कैबिनेट ने उत्तराखण्ड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को मंजूरी दी। इसके तहत न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान, प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन, डिजिटल भुगतान और समान कार्य के लिए महिला एवं पुरुष को समान वेतन जैसे प्रावधान लागू किए जाएंगे। इसके साथ ही उत्तराखण्ड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को भी स्वीकृति दी गई, जिसमें औद्योगिक विवादों के समयबद्ध समाधान, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, शिकायत निवारण समितियों और श्रमिक री-स्किलिंग फंड का प्रावधान शामिल है।
समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों के लिए नई संचालन नियमावली-2026 लागू की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर आवास, भोजन और शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी। वहीं ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए उच्चाधिकार प्राप्त समिति की संरचना में संशोधन कर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल करने का निर्णय लिया गया।
कैबिनेट ने केंद्र सरकार के अनुरूप उत्तराखण्ड जीएसटी अधिनियम-2017 में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने को भी मंजूरी दी। हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उच्च न्यायालय परिसर निर्माण के लिए लगभग 40 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया।
खेल क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गौलापार (हल्द्वानी) के संचालन हेतु 122 नियमित पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। साथ ही दिनेशपुर और शक्तिफार्म क्षेत्र के बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के हितों को ध्यान में रखते हुए सहायता कोष संचालन समिति में संशोधन का निर्णय लिया गया।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में सहकारी समिति नियमावली-2004 से कुष्ठ रोग से संबंधित भेदभावपूर्ण प्रावधान हटाने, जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल योजनाओं के हस्तांतरण के लिए नया प्रोटोकॉल लागू करने तथा उत्तराखण्ड वन विकास निगम में स्केलर भर्ती के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा लागू करने का भी निर्णय लिया गया।
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड के बीच मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर सहमति प्रदान की। सरकार का मानना है कि इससे धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक निवेश, व्यापार, रोजगार और प्रदेश के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

