आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सेनेटरी नैपकिन के पैसे वसूलने का आरोप, संगठन ने मुख्यमंत्री से की हस्तक्षेप की मांग
देहरादून। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सेविका/मिनी कर्मचारी संगठन उत्तराखंड ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर विभागीय अधिकारियों पर सेनेटरी नैपकिन के नाम पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से जबरन धनराशि वसूलने का आरोप लगाया है। संगठन ने इस व्यवस्था को तत्काल समाप्त करने और कार्यकर्ताओं से जबरन वसूली पर रोक लगाने की मांग की है।
संगठन का कहना है कि विभाग द्वारा पिछले कई वर्षों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जबकि यह उनके नियमित कार्यों या किसी योजना के अंतर्गत नहीं आता। आरोप है कि विभागीय अधिकारी कार्यकर्ताओं को नैपकिन बेचने के लिए बाध्य करते हैं और बिक्री न होने की स्थिति में भी उनसे धनराशि जमा करवाई जाती है।
संगठन के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में सेनेटरी नैपकिन की बिक्री नहीं हो पा रही है, लेकिन इसके बावजूद सुपरवाइजर और सीडीपीओ स्तर के अधिकारी कार्यकर्ताओं पर लगातार भुगतान का दबाव बना रहे हैं। संगठन का यह भी आरोप है कि पूर्व में जमा कराई गई धनराशि का विभाग के पास कोई स्पष्ट लेखा-जोखा या रसीद उपलब्ध नहीं कराई गई।
संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सेनेटरी नैपकिन की बिक्री के कार्य से मुक्त किया जाए तथा इनकी बिक्री दुकानों के माध्यम से कराई जाए। यदि सरकार स्वच्छता को बढ़ावा देना चाहती है तो आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिलाओं और किशोरियों को नि:शुल्क सेनेटरी नैपकिन वितरित किए जाएं।
संगठन ने यह भी मांग की है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सीमित मानदेय को देखते हुए उनसे किसी प्रकार की धनराशि की वसूली न की जाए तथा भविष्य में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बिक्री के लिए सेनेटरी नैपकिन भेजने की व्यवस्था समाप्त की जाए। साथ ही स्पष्ट किया कि जब तक नैपकिन की बिक्री नहीं होती, तब तक किसी भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से भुगतान की मांग न की जाए।

