एसआईआर प्रक्रिया में खामियों का आरोप, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत के नेतृत्व में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. वीवीआरसी पुरुषोत्तम से मुलाकात कर राज्य में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया की कथित खामियों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि एसआईआर के प्रथम चरण में कई गंभीर त्रुटियां और अनियमितताएं सामने आई हैं। पार्टी का कहना है कि इन कमियों का समाधान किए बिना द्वितीय चरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाना मतदाताओं के अधिकारों तथा पूरी निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है।
कांग्रेस ने द्वितीय चरण में दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। पार्टी के अनुसार कई स्थानों पर एक ही समय में दो अलग-अलग मतदान केंद्रों पर एक ही सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) अथवा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) की ड्यूटी लगाई गई है, जो विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए व्यावहारिक नहीं है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि एसआईआर के तहत मतदाता मैपिंग में भी कई विसंगतियां सामने आई हैं। कांग्रेस ने चकराता विधानसभा क्षेत्र के कुछ मतदान केंद्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि विसंगत मतदाताओं और ‘अनमैप’ मतदाताओं के आंकड़ों में असामान्य अंतर दिखाई दे रहा है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
पार्टी ने यह भी कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के स्थायी और स्थानीय निवासियों के नामों पर बड़ी संख्या में बिना पर्याप्त आधार के आपत्तियां दर्ज की गई हैं, जिससे ग्रामीण मतदाताओं को बार-बार सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है और उन्हें समय, धन तथा श्रम की अनावश्यक हानि उठानी पड़ रही है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया में तैनात कई अधिकारी और कर्मचारी स्वयं प्रक्रिया एवं नियमों की पूरी जानकारी नहीं होने की बात कह रहे हैं। पार्टी का कहना है कि इससे मतदाताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है और अलग-अलग स्थानों पर प्रक्रिया अलग-अलग तरीके से अपनाई जा रही है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें:
प्रथम चरण की सभी शिकायतों एवं अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच के बाद ही द्वितीय चरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
एक ही समय में दो मतदान केंद्रों पर एक अधिकारी की नियुक्ति संबंधी आदेश निरस्त किए जाएं।
प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए अलग अधिकारी की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।
पर्वतीय क्षेत्रों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुनवाई की तिथि और समय का पुनर्निर्धारण किया जाए।
सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं के लिए पारदर्शी एवं निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित की जाए।एसआईआर प्रक्रिया में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समुचित प्रशिक्षण देकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग से मांग की कि वह इस पूरे मामले में तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर निष्पक्ष एवं मतदाता हितैषी निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करे। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री राजेंद्र शाह, पूर्व विधायक राजकुमार, पूर्व मंत्री अजय सिंह, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी सहित कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

