नैनीताल में हर माह चुना जाएगा ‘थाना ऑफ द मंथ’, खराब प्रदर्शन पर तय होगी जवाबदेही, 48 पुलिसकर्मी सम्मानित

नैनीताल में हर माह चुना जाएगा ‘थाना ऑफ द मंथ’, खराब प्रदर्शन पर तय होगी जवाबदेही, 48 पुलिसकर्मी सम्मानित
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नैनीताल।जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी की अध्यक्षता में हल्द्वानी कोतवाली सभागार में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी एवं सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया। बैठक में जुलाई माह में घटित अपराधों, लंबित विवेचनाओं, कानून-व्यवस्था, यातायात, साइबर अपराध तथा पुलिसिंग की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में एसएसपी ने स्मार्ट एवं डिजिटल पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। थानों में ऑनलाइन जीडी, ई-एफआईआर, जीरो एफआईआर, ई-बीट, ई-समन, ई-मालखाना एवं ई-डीएआर समेत सभी डिजिटल व्यवस्थाओं में डेटा समयबद्ध रूप से अपडेट करने को कहा गया। ई-शाक्ष्य ऐप और जीरो एफआईआर के संबंध में एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल ने प्रस्तुतीकरण दिया।

एसएसपी ने साइबर अपराधों को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए। साइबर ठगी के मामलों में तत्काल अभियोग पंजीकृत कर प्रभावी विवेचना तथा पीड़ितों की धनराशि वापस दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विवेचक की जवाबदेही तय की जाएगी।

अपर पुलिस अधीक्षक/सीओ ऑपरेशन्स अमित कुमार सैनी ने PRAGATI पोर्टल, सहयोग पोर्टल एवं मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल की जानकारी दी। वहीं चिह्नित साइबर हॉटस्पॉट पर निगरानी बढ़ाने और पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को Cytrain Portal पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए।

एसएसपी ने जनपद में बेहतर पुलिसिंग और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए हर माह ‘थाना ऑफ द मंथ’ चुने जाने की घोषणा की। थानों का मूल्यांकन अपराध नियंत्रण, सीसीटीवी मॉनिटरिंग एवं उपयोग, साइबर अपराधों के निस्तारण, लंबित विवेचनाओं की प्रगति और डिजिटल पोर्टल पर कार्य की गुणवत्ता सहित विभिन्न मानकों पर किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले थानों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लगातार खराब प्रदर्शन पर संबंधित थाना प्रभारी और कार्मिकों की जवाबदेही तय होगी।

आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और छात्रसंघ चुनावों को कानून-व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए एसएसपी ने अभी से प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। कॉलेज परिसरों और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी, पुलिस गश्त तथा आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने धार्मिक भावनाओं को भड़काने, सामाजिक एवं साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बीट पुलिसिंग और क्षेत्रवार जिम्मेदारियां तय करते हुए संबंधित सूचनाओं को समयबद्ध रूप से पोर्टल पर अपडेट करने को भी कहा गया।

बैठक में यातायात दबाव वाले क्षेत्रों, संवेदनशील मार्गों और आगामी आयोजनों को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक प्रबंधन में आवश्यक सुधारों पर मंथन किया गया। सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित मामलों में ई-डीएआर, हिट एंड रन प्रतिकर योजना, प्रधानमंत्री राहत योजना और राहवीर योजना के तहत पात्र पीड़ितों को समय पर लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए।

सैनिक सम्मेलन के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समस्याएं सुनी गईं और उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। इस अवसर पर जनपद के विभिन्न थानों एवं शाखाओं में तैनात 48 पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने सम्मानित पुलिसकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मी पूरे पुलिस विभाग के लिए प्रेरणा हैं।

गोष्ठी में एसपी नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल, एसपी संचार/ऑफिस रेवाधर मठपाल, संयुक्त निदेशक विधि हीरा सिंह राणा, एएसपी/सीओ हल्द्वानी अमित कुमार सैनी, सीओ भवाली रविकांत सेमवाल, मुख्य अग्निशमन अधिकारी गौरव किरार, सीओ नैनीताल अंजना नेगी सहित जनपद के समस्त थाना एवं शाखा प्रभारी, यातायात व सीपीयू प्रभारी तथा पीएसी के कंपनी कमांडर मौजूद रहे।

देवभूमि खबर

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