चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां तेज, 6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण

चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां तेज, 6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण
Spread the love

देहरादून।उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा का शुभारंभ अप्रैल माह में होने जा रहा है। आगामी यात्रा सीजन को देखते हुए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं और बजट में आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने देहरादून स्थित कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल, श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल तथा गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया पर 19 अप्रैल को खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है।

उन्होंने जानकारी दी कि 6 मार्च से 16 मार्च के बीच दो सप्ताह में 6,17,853 श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है। इसमें केदारनाथ के लिए 2,06,622, बदरीनाथ के लिए 1,82,212, गंगोत्री के लिए 1,15,763 तथा यमुनोत्री के लिए 1,13,256 पंजीकरण शामिल हैं।

बीकेटीसी के अनुसार, शीतकालीन यात्रा 2025-26 के दौरान 16 मार्च 2026 तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने शीतकालीन पूजा स्थलों पर दर्शन किए। बदरीनाथ के शीतकालीन स्थल योग बदरी पांडुकेश्वर और नृसिंह मंदिर जोशीमठ में 20,054 तथा केदारनाथ की शीतकालीन गद्दी ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में 31,736 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

अध्यक्ष ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि बदरीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य जारी है। यात्रा को सुरक्षित, सरल और सुगम बनाने के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी की जा रही हैं।

बीकेटीसी की बजट बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए 121 करोड़ से अधिक का अनुमानित बजट पारित किया गया। इसमें बदरीनाथ धाम के लिए लगभग 57.47 करोड़ और केदारनाथ धाम के लिए 63.60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए, जिनमें धामों में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक का प्रस्ताव शामिल है, जिसे प्रदेश सरकार को भेजा गया है। इसके अलावा तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष की स्थापना, ऋषिकेश में ट्रांजिट कैंप में शिविर कार्यालय खोलने, तथा यात्रा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्णय लिए गए।

यात्रा के दौरान निर्धारित क्षेत्रों में मोबाइल उपयोग, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध लगाने पर भी विचार किया गया है। मंदिर परिसरों में रेलिंग मरम्मत, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता और आवासीय व्यवस्थाओं में सुधार के साथ ऑनलाइन सेवाओं को भी सुदृढ़ किया जा रहा है।

इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, सदस्य प्रह्लाद पुष्पवान और मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

देवभूमि खबर

Related articles