तिलकराज बेहड़ से कथित दुर्व्यवहार पर पंजाबी महासभा नाराज, दोषियों पर कार्रवाई की मांग

देहरादून। प्रांतीय पंजाबी महासभा रजिस्टर्ड की एक आपात बैठक बुधवार को सदाशिव मंदिर, टैगोर विला में आयोजित की गई। बैठक में किच्छा के विधायक एवं उत्तरांचल पंजाबी महासभा के पूर्व अध्यक्ष तिलकराज बेहड़ के साथ किच्छा में हुई कथित अभद्रता और मारपीट की घटना पर नाराजगी जताते हुए इसकी निंदा की गई। घटना को लेकर विभिन्न संगठनों की ओर से भी निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की जा रही है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि घटना में दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर 24 सितंबर को दोपहर 12 बजे पंजाबी समाज का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी अथवा नगर मजिस्ट्रेट को सौंपेगा।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ पुलिस की मौजूदगी में कथित मारपीट की घटना गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच कर जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
पंजाबी महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने घटना को लेकर कानून-व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा से जुड़े सवाल उठाते हुए प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि तिलकराज बेहड़ पंजाबी समाज से जुड़े वरिष्ठ जनप्रतिनिधि हैं और उनके साथ हुई घटना से समाज में नाराजगी है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
बैठक में राकेश ओबेरॉय, हरीश नारंग, अनिल मारवाह, लाल चंद शर्मा, नीरज कोहली, गोपाल पुरी, सुनील मेसोन, संतोष नागपाल, आशीष नागरथ, मेजर सिंह, सतीश कपूर, सुनील बांगा, विजय कोहली, नरेश चंडोक, राजू गुलाटी, जितेंद्र खरबंदा, रमेश सल, नवीन मेहंदीरत्ता, नवनीत ओबेरॉय, गुरजिंदर सिंह, रविंद्र सिंह, कुलदीप सिंह ललकार, बलविंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में पंजाबी समाज से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
