चमोली में वन भूमि हस्तांतरण मामलों की समीक्षा, जिलाधिकारी ने त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

चमोली में वन भूमि हस्तांतरण मामलों की समीक्षा, जिलाधिकारी ने त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश
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चमोली। जिलाधिकारी संदीप तिवारी की अध्यक्षता में जिलाधिकारी कार्यालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंस कक्ष में राष्ट्रीय राजमार्ग, बीआरओ और रेलवे विभाग से संबंधित वन भूमि हस्तांतरण मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित प्रकरणों की स्थिति और निस्तारण की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।

अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने जानकारी दी कि वर्तमान में कुल 8 वन भूमि हस्तांतरण प्रकरण लंबित हैं, जिनमें बीआरओ के 3 तथा रेलवे विभाग के 5 मामले सैद्धांतिक स्वीकृति की प्रक्रिया में हैं। इनमें से 3 मामले बद्रीनाथ वन प्रभाग, 2 नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क जोशीमठ, और 3 मामले केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के अंतर्गत आते हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से क्रियान्वित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उपजिलाधिकारी जोशीमठ को निर्देशित किया कि बीआरओ अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर लंबित मामलों में शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए ताकि इन परियोजनाओं को अनावश्यक विलंब से बचाया जा सके। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक समन्वय स्थापित कर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में डीएफओ सर्वेश दुबे, उपजिलाधिकारी पोखरी अबरार अहमद, रेलवे के कार्यकारी सहायक मोहन सिंह बिष्ट सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

इस बीच भूमि प्रतिकर के संबंध में सूचनाग्राम कोलड़ा, राजस्व उप निरीक्षक क्षेत्र गिरसा, तहसील जिलासु, जनपद चमोली के उन सभी काश्तकारों को सूचित किया गया है जिनकी भूमि रेलवे विभाग द्वारा अधिग्रहित की गई है। उन्हें भूमि का प्रतिकर (मुआवज़ा) दिया जाना है जिसके लिए मौके पर भूमि का सत्यापन किया जाएगा। सभी संबंधित काश्तकारों से अनुरोध किया गया है कि वे यथाशीघ्र राजस्व उप निरीक्षक से संपर्क कर अपनी भूमि का तस्दीक कार्य पूर्ण कराएं ताकि उन्हें समय पर प्रतिकर राशि प्रदान की जा सके।

देवभूमि खबर

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