राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा, जेलों और नशा मुक्ति केंद्रों में उपचार व फॉलोअप पर जोर

देहरादून।राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 19-20 जून 2026 को कारागारों, सुधार गृहों एवं नशा मुक्ति केंद्रों में संचालित गतिविधियों की समीक्षा के लिए स्टेट ओवरसाइट कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम की प्रगति का आकलन करते हुए एचआईवी/एड्स नियंत्रण के लिए निर्धारित 95:95:95 लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु प्रभावी कदम उठाने पर बल दिया गया।
बैठक में एचआईवी संक्रमित मरीजों को समय पर दवाएं उपलब्ध कराने तथा उनके नियमित फॉलोअप को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही कार्यक्रम के सफल संचालन में कारागार विभाग द्वारा दिए जा रहे सहयोग एवं समन्वय की सराहना की गई।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल कल्याण विभाग, कारागार विभाग, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा टीबी विभाग सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। एचआईवी/एड्स की रोकथाम और भेदभाव समाप्त करने के उद्देश्य से संयुक्त निदेशक यूसेक डॉ. अमित शुक्ला ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. जितेन्द्र नेगी ने कैदियों के समुचित उपचार की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में सहयोगी संस्था एचआईवी/एड्स एलायंस से श्री फिरोज खान, श्री सौभाग्य चक्रवर्ती तथा स्टेट कार्यक्रम अधिकारी श्री अनिल रावत ने भी भाग लिया।
उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति के उपनिदेशक (प्रिवेंशन) संजय बिष्ट ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए एचआईवी/एड्स नियंत्रण, उपचार और जागरूकता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की। बैठक में संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय और लक्षित वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।

